हमीरपुर, अरविन्द-:हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति बदहाल हो चुकी है और हिमाचल की तिजोरी जनता के कल्याण के बजाय मुख्यमंत्री के मित्रों व चहेतों पर लुटाई जा रही है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री को केंद्र सरकार पर आरोप लगाने के बजाय यह स्पष्ट करना चाहिए कि प्रदेश की जनता द्वारा दिए गए टैक्स के धन को अपने करीबी लोगों पर खर्च करने का अधिकार उन्हें किसने दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता को गुमराह करने के लिए बहाने बना रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि आर्थिक कुप्रबंधन सरकार की अपनी देन है।उन्होंने कहा कि चौदहवें और पंद्रहवें वित्त आयोग के दौरान यह स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि वित्तीय घाटा अनुदान बंद किया जाएगा। इसके बावजूद सरकार ने हालात को संभालने के बजाय प्रदेश को जानबूझकर कर्ज के दलदल में धकेल दिया। यह लापरवाही नहीं, बल्कि राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित निर्णयों का परिणाम है।
राणा ने आरोप लगाया कि आज कर्मचारी वेतन के लिए परेशान हैं, पेंशनर्स दर-दर भटक रहे हैं और विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं, जबकि सत्ता से जुड़े लोगों की नियुक्तियां और लाभ निरंतर जारी हैं। उन्होंने कहा कि बीते तीन वर्षों में विकास के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगी, लेकिन राजनीतिक एहसान चुकाने का सिलसिला लगातार चलता रहा।भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि हर विफलता का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ना आसान है, लेकिन अपनी नाकामियों की जिम्मेदारी लेने का साहस मौजूदा सरकार में नहीं है। अब प्रदेश की जनता हर फैसले और हर रुपये का हिसाब मांग रही है।उन्होंने कहा कि यह सरकार अब जनता की नहीं, बल्कि चहेतों की सरकार बन चुकी है। यदि मुख्यमंत्री जवाब देने में असमर्थ हैं, तो उन्हें नैतिकता के आधार पर पद छोड़ देना चाहिए। हिमाचल की जनता अब बहाने नहीं, स्पष्ट जवाब चाहती है।
