राहुल चावला, धर्मशाला: फोरलेन निर्माण को लेकर नगरोटा बगवां के मलां में विस्थापित किए जा रहे 21 परिवारों के पक्ष में हिमाचल किसान सभा उतर आई हैं। सभा ने जिला प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देकर चेताया है कि पहले लोगों का पुनर्वास सुनिश्चित करके फिर उन्हें विस्थापित किया जाए, अन्यथा सभा प्रभावित परिवारों के साथ सडक़ों पर उतरने को मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की होगी।
किसान सभा के सचिव सतपाल और सचिवालय सदस्य केवल कुमार ने कहा कि मलां में रहकर रोजगार कमा रहे इन 21 परिवारों को वर्ष 1961-62 में तत्कालीन पंचायत व स्थानीय प्रशासन की ओर से भूमि आबंटित की गई थी, जो कि प्रदेश सरकार के राजस्व रिकार्ड में दर्ज हैं। इन परिवारों के पास पर्चा भी है। मलां चौक के आसपास ही इन लोगों के घर और रोजगार के साधन हैं। उन्होंने कहा कि फोरलेन बनाओ, लेकिन लोगों को उजाडक़र नहीं। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में इन 21 परिवारों ने किसान सभा के माध्यम से डीसी को ज्ञापन सौंपकर चेता दिया है कि जब तक उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, जब तक वे अपने मकान, कारोबार और जमीनें नहीं छोड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि जिस तरह की लोकेशन से इन परिवारों को विस्थापित किया जा रहा है, उसी तरह की लोकेशन पर इन्हें बसाने की व्यवस्था की जाए। भूमि के बदले इन लोगों को भूमि दी जाए और निर्मित भवनों का मुआवजा वर्तमान मार्केट वेल्यू के आधार पर दिया जाए। सभा का कहना है कि यदि मांगों पर एक सप्ताह में गौर नहीं किया गया तो मलां के यह परिवार अपने परिवार सदस्यों के साथ सडक़ों पर उतरेंगे ओर किसान सभा भी इन परिवारों के समर्थन में आंदोलन से पीछे नहीं रहेगी। इस अवसर पर मलां के विस्थापित हो रहे परिवारों के सदस्य भी मौजूद रहे।
