संजु चौधरी, शिमला: वर्तमान समय में प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं चल रही हैं। सरकारी खजाना खाली पड़ा हुआ हैं। कर्मचारियों को वेतन देने तक के पैसे सरकार के पास नहीं हैं। इसी बीच प्रदेश के इन हालातों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर पलटवार करते नजर आ रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सरकार को कर्ज का रोना रोने के बजाए प्रदेश के विकास के लिए कार्य करने की सलाह दी हैं, जिस पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि जयराम सरकार ने राजनीतिक मंशा से प्रदेश को कर्ज के बोझ तले डुबो दिया हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चलाने के लिए कर्ज लेना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना पड़ेगा जिसके लिए अभी 4 साल का समय लगेगा और सरकार इसके लिए कैबिनेट में कड़े फैसले भी लेगी। विधायक प्राथमिकता कि 3 दिन से चल रही बैठकों को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने कहा की विधायकों की ओर से दी गई प्राथमिकताओं को बजट में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान राजनीतिक के अलावा पत्रकारों एवं अन्य लोगों पर बनाए गए मामले भी सरकार वापिस लेगी।
