Shimla, 8 September – हिमाचल प्रदेश की जानी-मानी साहित्यकार एवं एसजेवीएन की पूर्व उप महाप्रबंधक मृदुला श्रीवास्तव को उनके कहानी संग्रह ‘जलपाश’ तथा अन्य साहित्यिक योगदानों के लिए भूटान की राजधानी थिंफू में 14 सितंबर को प्रतिष्ठित ‘साहित्य शिरोमणि सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा।
यह सम्मान उन्हें 13 से 17 सितंबर तक आयोजित होने वाले पांच दिवसीय भूटान-भारत साहित्य महोत्सव के दौरान प्रदान किया जाएगा, जिसमें दोनों देशों के कई वरिष्ठ साहित्यकार और विचारक भाग लेंगे। इसी अवसर पर उनके पहले व्यंग्य संग्रह ‘आलस्यमेव जयते’ का भी लोकार्पण किया जाएगा।इस महोत्सव का आयोजन शिक्षा, साहित्य, कला और संस्कृति को समर्पित संस्था क्रान्तिधरा साहित्य अकादमी द्वारा किया जा रहा है। इसमें देश-विदेश के साहित्यकार और शोधार्थी शामिल होंगे। अंतरराष्ट्रीय मंच पर मृदुला श्रीवास्तव अपनी कहानियों का पाठ भी करेंगी।गौरतलब है कि उनके पहले कहानी संग्रह ‘काश पंडोरी न होती’ के लिए उन्हें चेन्नई में तत्कालीन गोवा राज्यपाल मृदुला सिन्हा से ‘सृजनलोक प्रथम कृति’ सम्मान प्राप्त हो चुका है। इसके अतिरिक्त उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर कई सम्मान मिल चुके हैं।
साल 2019 में अमन प्रकाशन से प्रकाशित ‘जलपाश’ संग्रह में सामाजिक सरोकारों और मानवीय संवेदनाओं को उजागर करती दस मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक कहानियां शामिल हैं। उनकी रचनाएं भारत और मॉरीशस की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं, साथ ही कुछ का अनुवाद अंग्रेज़ी, फ्रेंच और नेपाली में भी किया गया है।
