संजीव महाजन,नूरपुर: नूरपुर में हिमकाष्ठ विक्रय भंडार के तहत लाखों रुपए के बनाए गए टिम्बर ट्रीटमेंट प्लांट का आज वन मंत्री राकेश पठानिया ने उद्घाटन किया। यह टिम्बर ट्रीटमेंट प्लांट हिमाचल प्रदेश का दूसरा ऐसा प्लांट है जिसमें कोई भी अपने घर के काम आने वाली लकड़ी को प्रोसेस करवा कर लकड़ी से तैयार होने वाला सामना बनवा सकता है। इस प्लांट को शुरू किए जाने से यहां रोजगार के साधन भी बढ़ सकते है।
इस अवसर पर वन मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि यह हिमाचल का दूसरा सबसे बड़ी क्षमता वाला प्लांट है। इसमें आप लकड़ी को प्रोसेस कर सकते है। उन्होंने कहा कि हम अक्सर देखते है कि हमारे दरवाजे,खिड़कियां, चौखाटे टेढी हो जाती, खराब हो जाती है एक छोटे से खर्चे के पीछे वो सारे की सारी लकड़ी खराब हो जाती है। ऐसे में कोई भी ग्राहक यहां से लकड़ी को प्रोसेस करके अपने घर के फर्नीचर,दरवाजे चौखट बनाने लाएगा तो उसको फायदा होगा।। उन्होंने कहा कि हम यहां एक बड़ा शोरुम भी खोलने जा रहे हैं। इसमें रॉ फर्नीचर भी बनाएंगे ताकि हम प्रोसेस मोड़ फर्नीचर ले सकें।
उन्होंने कहा कि हमारा कॉरपोरेशन का हिमाचल का सबसे बड़ा डिपू यहां है,जिससे यहां ढाई सौ लोगों के लिए रोजगार का साधन भी बन जाएगा और कॉरपोरेशन के लिए एक इनकम का साधन भी बन जाएगा। वन मंत्री ने कहा कि यह अपने आप में हिमाचल का सबसे प्लांट है। वन मंत्री बनने के बाद मैंने इसका शिलान्यास किया था और दस महीने में इसको तैयार कर दिया गया है। इस टिम्बर ट्रीटमेंट प्लांट को बनाने में लगभग पचास लाख का खर्चा आया है क्योंकि इसका सारा सामान बाहर से मंगवाना पड़ता है।
54 गार्डों को बनाया जाएगा डिप्टी रेंजर
वन मंत्री राकेश पठानिया ने बताया कि हमने कल ही एक निर्णय भी लिया जिसमें हम 54 गार्ड को डिप्टी रेंजर बना रहे है। यह इतिहास में पहला मौका है कि इतनी ज्यादा प्रमोशन हो रही है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है। हम चाहते हैं कि ऐसे प्लांट हिमाचल में जगह- जगह लगाए जाएंगे ताकि यह लोगों के लिए रोजगार का साधन बन सके।
