बिलासपुर,सुभाष ठाकुर (TSN)-ग्वालियर में 5 फरवरी से 16 फरवरी तक आयोजित होने वाली 4th राष्ट्रीय व्हीलचेयर क्रिकेट चैंपियनशिप में हिमाचल प्रदेश की व्हीलचेयर क्रिकेट टीम पूरे जोश और जज़्बे के साथ मैदान में उतरने को तैयार है।यह सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं,बल्कि इन जांबाज खिलाड़ियों की हिम्मत, संघर्ष और जुनून की मिसाल है, जो व्हीलचेयर पर बैठकर भी उड़ान भरने का हौसला रखते हैं।
इस टीम की कप्तानी अमित ठाकुर (चंबा) करेंगे,जो न केवल एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं,बल्कि कई खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा भी हैं।टीम के अन्य योद्धा भी अपने-अपने जिलों से आकर हिमाचल का परचम लहराने के लिए तैयार हैं।टीम में राजन (हमीरपुर),रवि (चंबा),विपिन (ऊना),सनी (कांगड़ा),राकेश (नालागढ़), सुनील (चंबा),वीरेन (चंबा), रिंकू (कांगड़ा),सचित (हमीरपुर),रज़ाक (चंबा),सचिन (कांगड़ा),त्रिलोक (चंबा) कुलदीप (बिलासपुर)शामिल हैं। टीम कोच गुरमीत धीमान (नालागढ़) खिलाड़ियों को हर मुश्किल से लड़ने के लिए तैयार कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के संयोजक राजन कुमार ने बताया कि अलग-अलग राज्यों से 18 टीमें भाग ले रही है राजन कुमार ने कहा कि हिमाचल की यह टीम न केवल जीत के इरादे से मैदान में उतर रही है,बल्कि उन सभी दिव्यांगजनों को एक संदेश देने जा रही है कि अगर हौसला बुलंद हो,तो कोई भी मंज़िल नामुमकिन नहीं होती। ये खिलाड़ी व्हीलचेयर तक सीमित नहीं,बल्कि इनके इरादे बुलंद पहाड़ों से भी ऊँचे हैं।ये सिर्फ क्रिकेट नहीं खेल रहे,बल्कि अपने हर चौके-छक्के से दुनिया को यह दिखा रहे हैं कि असली जीत कभी भी शारीरिक ताकत से नहीं,बल्कि मानसिक शक्ति और आत्मविश्वास से हासिल की जाती है।जब यह टीम मैदान में उतरेगी,तो यह सिर्फ एक खेल नहीं होगा, बल्कि यह उन लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बनेगा जो अपने हालातों से जूझ रहे हैं।हर गेंद के साथ एक नया सपना बुना जाएगा,हर रन के साथ एक नई उम्मीद जगेगी।यह खिलाड़ी दिखाएंगे कि जीतने का जज़्बा अगर दिल में हो,तो किसी भी परिस्थिति को हराया जा सकता है।हम पूरे देश से अपील करते हैं कि इस टीम को समर्थन दें,इन खिलाड़ियों की मेहनत और जज़्बे को सराहें और इनके संघर्ष की कहानी को सलाम करें।हिमाचल की यह टीम सिर्फ ट्रॉफी के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए खेल रही है– एक नई सोच,एक नई उम्मीद और एक नए इतिहास के लिए
