Fatehupur,Sanjeev-:फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में आज बागवानी कौशल विकास एवं जागरूकता अभियान का सफल आयोजन किया गया। अम्बेडकर भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों, युवाओं और स्वयं सहायता समूहों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अभियान का मुख्य आकर्षण बागवानी एवं जैविक खेती पर आधारित प्रदर्शनी रही, जिसमें किसानों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों और आधुनिक तकनीकों की झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक भवानी सिंह पठानिया रहे। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और किसानों से सीधे संवाद कर उनके नवाचारों और उत्पादों की जानकारी ली। प्रदर्शनी में जैविक सब्जियां, फल, प्राकृतिक खाद, वर्मी कम्पोस्ट, जैविक कीटनाशक और रसायन मुक्त खेती से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित किए गए, जिससे किसानों और युवाओं को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ।इस अवसर पर विधायक भवानी सिंह पठानिया ने कहा कि बागवानी कौशल विकास अभियान का उद्देश्य किसानों को जैविक और आधुनिक खेती की तकनीकों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण और नई तकनीकों को अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। प्रदर्शनी में किसानों द्वारा किए गए नवाचार सराहनीय हैं और इससे अन्य किसानों को भी प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बागवानी और कृषि आधारित स्वरोजगार को अपनाकर आत्मनिर्भर बनें।
कृषि विभाग, पालमपुर के उप निदेशक कुलदीप धीमान ने किसानों को विभागीय योजनाओं और तकनीकी सहायता की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग किसानों को हर स्तर पर मार्गदर्शन प्रदान करता है और यदि किसी फसल में रोग या कीट का प्रकोप हो तो किसान तुरंत विशेषज्ञों से संपर्क करें। समय पर सलाह लेने से नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, जच्छ के एसोसिएट डायरेक्टर (आर एंड ई) डॉ. विपन गुलेरिया ने नियमित प्रशिक्षण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक तरीकों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अपनाकर बागवानी क्षेत्र में उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार संभव है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में दिखाई गई तकनीकों और अनुभवों को अपनाकर किसान अपने व्यवसाय को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बना सकते हैं।कार्यक्रम में जल संरक्षण, फसल सुरक्षा, सरकारी योजनाओं और बागवानी से जुड़े रोजगार के अवसरों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कुल मिलाकर यह अभियान किसानों और युवाओं के लिए ज्ञानवर्धक साबित हुआ, जिससे उन्हें आधुनिक और जैविक बागवानी की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।
Chandrika
