Hamirpur, Arvind-:हिमाचल प्रदेश में नशे की बढ़ती चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक नशा रोकथाम एवं जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य समाज के हर वर्ग, विशेषकर युवाओं और छात्रों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति सचेत करना है।
इसी कड़ी में जिले में नशे के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने के लिए वॉकथॉन सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने शिक्षा विभाग के सहयोग से जिले के सभी स्कूलों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए हैं। इन कार्यक्रमों के अंतर्गत विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, इसके लक्षणों को पहचानने तथा इसके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी जा रही है।अभियान के तहत स्कूलों में विशेष रूप से तैयार किए गए जागरूकता पैम्पलेट वितरित किए जा रहे हैं। इन पैम्पलेटों में नशा करने वाले व्यक्ति के व्यवहारिक और शारीरिक लक्षण, नशे से होने वाले नुकसान और इससे बचाव के उपायों को सरल भाषा में समझाया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि बच्चे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास किसी भी प्रकार की नशे की प्रवृत्ति को पहचान सकें।
हमीरपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार चौधरी ने बताया कि नशे की रोकथाम में परिवार की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के व्यवहार में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों पर भी ध्यान दें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार किए गए पैम्पलेट अभिभावकों को भी वितरित किए जा रहे हैं, ताकि वे घर पर ही नशे के प्रारंभिक संकेत पहचान सकें।सीएमओ ने जानकारी दी कि जिले में “दिशा” नशा मुक्ति सेवाएं उपलब्ध हैं। सभी सिविल अस्पतालों और हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में स्थापित दिशा केंद्रों में विशेषज्ञ डॉक्टर और प्रशिक्षित काउंसलर सेवाएं दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त, टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 के माध्यम से निःशुल्क काउंसलिंग सुविधा भी उपलब्ध है। यह समन्वित प्रयास नशा मुक्त समाज की दिशा में एक सशक्त कदम है।
