मंजूर पठान, चंबा: प्रदेश ने सरकार की ओर से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के दावों का सच यह है कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी के बीच छात्रों की पढ़ाई हो रही है। यही हालात इस समय राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला झझाकोठी के है जहां स्टॉफ की कमी चल रही है। इस स्कूल में 600 के करीब छात्र है और शिक्षकों की संख्या 10 है। यहां 40 के करीब शिक्षकों की आवश्यकता है। स्कूल में शिक्षकों की तैनाती को लेकर कई बार एसएमसी और स्थानीय लोगों ने भी सरकार से मांग उठाई है, लेकिन हर बार उनकी मांग को अनसुना किया गया है जिसके चलते अभिभावक काफी परेशान हो गए है।
हैरानी इस बात की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अकसर स्टाफ की कमी के चलते बच्चों का भविष्य अधर में लटक जाता है लेकिन किसी को इनकी याद नहीं आती है। अब बच्चों के अभिभावकों सहित स्कूल प्रबंधन समिति ने सरकार से मांग करते हुए कहा है कि जल्द ही स्कूल में अध्यापकों की कमी को पूरा किया जाए ताकि बच्चों का भविष्य अंधकार से उजाले की ओर जा सके। वहीं दूसरी ओर इस स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं का कहना है कि स्कूल में स्टाफ की कमी के चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है जिससे काफी परेशानी हो रही है।ऐसे में हम सरकार से मांग करते है कि जल्द बच्चों की पढ़ाई को देखते हुए स्टाफ की कमी को पूरा किया जाए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि वह स्कूल में स्टाफ की कमी के चलते बच्चों का भविष्य बर्बाद होने की कगार पर पहुंच चुका है, लेकिन किसी की नींद नहीं खुली है। स्कूल प्रबंधन समिति ने भी सरकार और प्रशासन से मांग करते हुए कहा है कि उक्त स्कूल में 600 के करीब बच्चे शिक्षा ग्रहण करते है। उनके भविष्य को देखते हुए जल्द यहां पर स्टाफ की कमी को पूरा किया जाए ताकि बच्चों को पढ़ाई करने में आसानी हो सके। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष लेखराज ने बताया कि उक्त स्कूल में बच्चों की अधिक संख्या होने के बावजूद भी यहां पर स्टाफ की कमी के चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है हम सरकार से मांग करते है कि जल्द उक्त स्कूल में स्टाफ की कमी को पूरा किया जाए ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
