शिमला, संजू-:उपायुक्त शिमला एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अनुपम कश्यप ने सुन्नी क्षेत्र में सतलुज नदी में बढ़ती गाद की समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उपमंडल दण्डाधिकारी सुन्नी को निर्देशित किया कि नदी में जमा गाद से उत्पन्न संभावित जोखिमों का विस्तृत आकलन कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि गाद हटाने की प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से आरंभ किया जा सके।
आज आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने कहा कि सतलुज नदी में लगातार गाद जमा होने से नदी का जलस्तर और बहाव प्रभावित हो रहा है, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों, कृषि भूमि तथा बुनियादी ढांचे को खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने विभिन्न विभागों को निर्देश दिए कि गाद के कारण हुए नुकसान का विभागवार सर्वेक्षण कर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया जाए। इसमें पेयजल योजनाएं, विद्युत परियोजनाएं, सड़कें, सीवरेज लाइनें, सरकारी भवन, निजी संपत्ति तथा गौशालाएं शामिल की जाएं।
उपमंडल दण्डाधिकारी सुन्नी ने बताया कि तहसील सुन्नी के अंतर्गत मोहाल अनु से मोहाल लुनसु तक का क्षेत्र, विशेषकर झूला पुल के आसपास का भाग, अत्यधिक संवेदनशील है। इस क्षेत्र को अधिसूचित कर विशेष निगरानी में रखने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि निकाली जाने वाली गाद के सुरक्षित भंडारण और निस्तारण के लिए नदी के बाएं तट पर उपयुक्त भूमि चिन्हित कर ली गई है।उपायुक्त ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर बल देते हुए कहा कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेकर स्थिति की समीक्षा की और आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।
