राहुल चावला, धर्मशाला: टिकट ना मिलने से पार्टी से नाराज ओर बागी हुए नेताओं को मानने में लगी भाजपा पार्टी को धर्मशाला में बागी हुए दो नेताओं में से एक को मनाने में सफलता मिली है। धर्मशाला में भाजपा के टिकट आबंटन फ़ैसले से नाराज़ हो चुके भाजपा मंडल धर्मशाला के अध्यक्ष अनिल चौधरी को भाजपा आलाकमान के नेताओं ने मना लिया है। अनिल चौधरी ने पार्टी से बगावत कर आज़ाद प्रत्याशी के तौर पर पर्चा दाख़िल कर दिया था लेकिन अब आला नेताओं से बातचीत के बाद अनिल ने अपना नामांकन वापिस ले लिया है। ऐसे में बागी हुए एक नेता के नामांकन वापसी से यहां भाजपा की मुश्किलें थोड़ी कम तो हुई है लेकिन अभी भी पूरी तरह से खतरा यहां भाजपा के लिए टला नहीं है।
धर्मशाला से ही भाजपा के टिकट आबंटन से नाराज़ चल रहे विपिन नैहरिया अभी भी चुनावी मैदान में डटे हुए हैं। वहीं अनिल चौधरी ने नामांकन वापिस लेने के बाद कहा कि वो एक मर्यादित पार्टी के सदस्य हैं ऐसे में उन्हें मंडल को विश्वास में न लेने पर एतराज़ था, मगर जब पार्टी के आला नेताओं ने उनका मार्गदर्शन किया तो उन्हें फ़ैसले का समर्थन करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक दबाव नहीं है, वो अब अपने उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार प्रसार करेंगे। वहीं भाजपा के जिलाध्यक्ष चंद्रभूषण नाग ने कहा की हमारी पार्टी विचारों की पार्टी है। इसमें विचार परिवार काम करता है और जब विचारों पर गहन मंथन होता है तो मर्यादित सदस्य मान जाते हैं। यहां भी ऐसा ही हुआमगर विपिन नैहरिया अभी नाराज़ है उनसे बात चल रही है।
बता दें कि धर्मशाला से भाजपा की ओर से राकेश चौधरी को उम्मीदवार बना कर चुनावी मैदान में उतारा गया है। राकेश चौधरी की टिकट की घोषणा होने के बाद से ही यहां विरोध की आग भड़क गई थी ओर भाजपा मंडल के डेढ़ सौ से ज़्यादा कार्यकर्ताओं ने भी अपने इस्तीफ़े थमा दिए थे। वहीं पार्टी के टिकट आबंटन से नाराज होकर धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र से अनिल चौधरी के साथ ही विपिन नेहरिया ने आजाद प्रत्याशी के रूप में नामांकन भरा चुनाव लड़ने का फैसला किया था।
