Una, Rakesh-:हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला में 102 और 108 एंबुलेंस सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। एंबुलेंस कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक रोष रैली निकालकर निजी कंपनी और सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिसके चलते उन्हें मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ा है।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने मीडिया से बातचीत में बताया कि 102 और 108 एंबुलेंस सेवाएं एक निजी कंपनी द्वारा संचालित की जा रही हैं,लेकिन कंपनी न तो सरकारी नियमों के अनुसार वेतन दे रही है और न ही अदालत के आदेशों का पालन कर रही है।कर्मचारियों का आरोप है कि उन्होंने इस मामले को लेबर कोर्ट और हाईकोर्ट तक पहुंचाया, जहां से उनके पक्ष में फैसले आए और कंपनी को सरकारी मानकों के अनुरूप वेतन देने के निर्देश दिए गए,बावजूद इसके आदेशों को लागू नहीं किया गया।
एंबुलेंस कर्मचारियों ने कहा कि वे 12 घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन इसके बदले ओवरटाइम का भुगतान भी नहीं किया जा रहा।उन्होंने स्पष्ट किया कि वे मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा पहुंचाने के पक्ष में नहीं हैं और पूरी निष्ठा से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन कंपनी का रवैया लगातार कर्मचारियों के शोषण वाला बना हुआ है।इससे पहले भी वे दो बार प्रदर्शन कर चुके हैं,लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे अपने परिवार के सदस्यों के साथ बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे और यह हड़ताल अनिश्चितकालीन हो सकती है।
इस आंदोलन को सीटू संगठन का भी समर्थन मिला है। सीटू नेता गुरनाम सिंह ने कहा कि निजी कंपनी श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन कर रही है।12 घंटे ड्यूटी के बावजूद ओवरटाइम न देना मजदूरों के अधिकारों का हनन है। उन्होंने सरकार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय रहते इस मामले का समाधान नहीं हुआ तो इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा, क्योंकि एंबुलेंस सेवा से सीधे जनहित जुड़ा हुआ है। सीटू ने सरकार से मांग की है कि वह तुरंत हस्तक्षेप कर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करे।
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