Nahan, Satish Sharma-:लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर प्रदेशभर में 102 और 108 एंबुलेंस सेवाओं से जुड़े कर्मचारी 48 घंटे की हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि न तो कंपनी प्रबंधन और न ही सरकार उनकी समस्याओं को लेकर गंभीरता दिखा रही है। वर्कर्स यूनियन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर सरकार या कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई ठोस और सकारात्मक आश्वासन नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
नाहन में शुक्रवार को 102 और 108 एंबुलेंस कर्मचारियों ने सीटू के बैनर तले रोष रैली निकालकर अपनी नाराजगी जाहिर की। रैली के दौरान कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मीडिया से बातचीत करते हुए 102–108 वर्कर्स यूनियन से संबद्ध सीटू के प्रदेश अध्यक्ष सुनील दत्त ने कहा कि निजी कंपनी की मनमानी लगातार जारी है और इसका सीधा असर कर्मचारियों पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों का खुलेआम शोषण किया जा रहा है, जबकि उनकी मांगें लंबे समय से सरकार और प्रबंधन के समक्ष रखी जा चुकी हैं।सुनील दत्त ने कहा कि न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद भी कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है। न तो छुट्टियों का कोई प्रावधान है और न ही ओवरटाइम का भुगतान किया जाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आपातकालीन सेवाओं में लगी एंबुलेंस गाड़ियों की हालत जर्जर है और यदि तकनीकी कारणों से एंबुलेंस सेवा प्रभावित होती है तो उसका खामियाजा कर्मचारियों को वेतन कटौती के रूप में भुगतना पड़ता है। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि 48 घंटे के भीतर लिखित रूप में कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला तो हड़ताल को आगे बढ़ाया जाएगा।
वहीं सीटू सिरमौर के जिला महासचिव आशीष कुमार ने भी कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि 102 और 108 एंबुलेंस कर्मचारी लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रबंधन आंखें मूंदे बैठे हैं, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि श्रम कानूनों और कोर्ट के आदेशों के अनुसार कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन और छुट्टियों का अधिकार मिलना चाहिए। आशीष कुमार ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, सीटू एंबुलेंस कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।
Chandrika
