भावना शर्मा, शिमला: प्रदेश सरकार की ओर से पूर्व भाजपा सरकार के समय में खोले गए संस्थानों और कार्यालयों को डिनोटिफाइड करने के विरोध में भाजपा अपना विरोध जता रही हैं। इसी के चलते बीते दिनों भाजपा ने नूरपुर में भी विरोध प्रदर्शन किया था। इस विरोध प्रदर्शन में प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उनकी धर्मपत्नी के बारे में अभद्र भाषा का प्रयोग भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से अपने नारेबाजी के दौरान किया गया था। भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से मुख्यमंत्री और उनकी धर्मपत्नी के लिए इस तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग करने का कांग्रेस की ओर से कड़ा विरोध जताया जा रहा हैं।
यही वजह हैं कि कांग्रेस विधायक रघुबीर सिंह बाली ने कहा भी साफ-साफ शब्दों में यह कह दिया हैं कि मुख्यमंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सी.एम. सुखविंद्र सिंह सुक्खू आम परिवार से संबंध रखते हैं और संगठन से निकलकर आज मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेेस के जिन 40 विधायकों को लाखों लोगों ने चुनकर विधानसभा भेजा है, उन्होंने मुख्यमंत्री का चुना हैं।
आर.एस.बाली ने कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणी और घटिया नारेबाजी करना जहां दुखद हैं। वहीं ये भाजपा की मानसिकता को भी दर्शाता हैं। उन्होंने कहा कि जो संस्थान बंद किए गए है, वह तथ्यों को खंगालने के बाद जन और प्रदेश हित में डिनोटीफाई किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम 6 माह में बिना बजट और स्टाफ का प्रावधान किए संस्थान खोले और इसका एकमात्र मकसद केवल राजनीतिक लाभ लेना था।
