संजीव महाजन,नूरपुर: प्रदेश के किसान एक ओर जहां मौसम की बेरुखी से परेशान हैं तो वहीं आवारा पशु किसानों की बची खुची फ़सल भी तबाह कर रहे हैं। किसानों को अपनी फसलें इन बेसहारा पशुओं से बचाना बेहद मुश्किल हो गया हैं। आलम यह हैं कि नूरपुर ब्लॉक की पंचायत सुलयाली,लौहारपुरा के किसान अपनी फसलों को आवारा पशुओं से बचाने के लिए देर रात तक जाग कर खेतों में रहने पर मजबूर हो रहे हैं। इसके बावजूद भी आवारा पशु उनके खेतों में उनकी फसलें बर्बाद कर रहे हैं। किसान बार- बार पंचायत प्रधान व सरकार से इन आवारा पशुओं से निजात के लिए गुहार लगा रहे हैं।
किसान दिलीप चंद ने कहा कि हमने जो फसलें लगाई है उन पर बहुत ज्यादा खर्चा हुआ हैं। एक तो पहले हमपर इंद्र देव मेहरबा नहीं हैं, जिसकी वजह से बारिश नहीं हो पा रही थी। थोड़ी बहुत बारिश हुई तो उसके बाद आवारा पशु हैं। उन्होंने ऐसा आतंक मचा रखा है कि 15-20 पशु खेतों में घूस जा रहे हैं और हमारी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। हमारी सरकार से अपील है कि हमें इन आवारा पशुओं से निजात दिलवाई जाए। इसके साथ ही पंचायत प्रधान से भी अपील है कि वह भी इस बारे में कोई समाधान करवाने की तरफ कोई कदम उठाए। जो लोग अपने पालतू पशुओं को आवारा छोड़ रहे हैं उन पर सख्त कार्रवाई की जाए।
गांव के योगराज ने कहा कि एक भगवान की बेरुखी से बारिश नहीं हुई थी अगर हुई भी हैं,तो अब आवारा पशुओं ने हमें परेशान किया हुआ हैं। रात को यह आवारा पशु हमारे खेतों में घुस कर हमारी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। हमने पिछली सरकार से भी इस समास्या के बारे में कई बार कहा था मगर कोई ठोस हल नहीं निकला और अब हम इस सरकार से भी अपील करते हैं कि इन आवारा पशुओं का कोई समाधान निकाले। हम सरकार से अपील करते हैं कि हमारे इलाके ओर पास लगते इलाके में कोई तारबंदी करवा दें ताकि आवारा पशु हमारे खेतों में घुस ना सके ताकि एक दूसरे इलाकों से पशु खेतों में ना आ सके ।
गांववासी राकेश ने कहा कि हम रात-रात भर जाग कर इन आवारा पशुओं से अपनी फसलों को बचाने पर मजबूर हैं। वहीं लौहारपुरा पंचायत प्रधान कृष्ण हीर ने कहा कि यह बहुत बड़ी एक गंभीर समास्या है लोग अपने खेतों में फसलों की देखभाल को लेकर पूरी-पूरी रात सोते नहीं हैं। आवारा पशु बहुत ज्यादा नुक्सान कर रहे हैं। पूर्व सरकार ने इन आवारा पशुओं के समाधान के लिए कहा था मगर हुआ कुछ नहीं हैं। अब मेरा इस सरकार से निवेदन है कि इन पशुओं का कोई इंतजाम किया जाए क्योंकि लोग बहुत ही दुखी हैं। लोगों ने तो इस परेशानी के चलते खेती करना ही छोड़ दी हैं, जिस खेत में हम खड़े हैं इस खेत में पहले खेती हुआ करती थी मगर अब वह नहीं कर रहे हैं।
यहां करीबन दौ सौ के करीब आवारा पशु हैं। मेरा सरकार से अनुरोध है कि इन पशुओं का सुचारु रुप से इंतजाम किया जाए ताकि लोग अपनी खेतीबाड़ी कर सकें। हमने पंचायत स्तर पर पहले भी प्रधान सुलयाली ,सिबली,ठेहड से बात की थी। हमने मिलकर पहले भी सरकार को लिखा था पर कोई कदम उठाया नहीं गया और हम एक बार फिर सरकार को लिख भेजेंगे ।
