संजु चौधरी, शिमला: सोमवार को शिमला के आईजीएमसी में इलाज करवा रहे हैं कैंसर पीड़ित पीड़ितों और उनके तीमारदार थियेटर में फिल्म देखने के लिए पहुंचे। यहां पहुंच कर उन्होंने द केरला स्टोरी फ़िल्म देखी। इन मरीजों ओर उनके तीमारदारों को यह फ़िल्म दिखाने का प्रावधान नोफल एक उम्मीद संस्था की ओर किया गया। यह संस्था केंसर पीड़ित मरीजों के लिए सहारा बनी हुई हैं। बता दें की आईजीएमसी के केंसर अस्पताल में उपचाराधीन कई मरीजों का इलाज ओर दवाइयां खरीदने में संस्था पिछले काफी समय से मदद कर रही हैं।
अब संस्था की ओर से आईजीएमसी के कैंसर अस्पताल शिमला में रह रहे मरीजों उनके तीमारदारों और नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं के साथ कुछ अन्य लोगों को द केरला स्टोरी फिल्म दिखाई हैं। इस फिल्म को दिखाने का मकसद देश में लडकियां और लड़के किस प्रकार धर्म परिवर्तन का शिकार बन रहे हैं ओर उनकी सोच को उजागर करना था। इस फिल्म का पूरा खर्चा संस्था के संचालक सरदार गुरमीत सिंह की ओर से दिया गया, इसलिए संस्था की पूरी टीम सरदार गुरमीत सिंह का धन्यवाद करते है कि समाज में चल रहे इस धर्म परिवर्तन के विषय को उजागर करने के लिए उन्होंने यह सराहनीय कदम उठाया हैं।
बता दें कि संस्था के साथ हजारों लोग जुड़े हुए हैं जो अपनी कमाई का दसवां हिस्सा देते हैं.जिससे गरीब लोगों और ज़रूरत मंदों की सहायता की जाती हैं।
आगजनी से प्रभावित परिवारों की कर रही सेवा
पिछले 6 सालों से नोफल संस्था आगजनी की घटना से प्रभावित परिवारों की निरंतर सेवा कर रही हैं। संस्था की ओर से अभी तक कई दर्जन लोगों की सहायता की जा चुकी हैं। वहीं संस्था कई गरीब परिवारों के बच्चों की पढ़ाई का भी पूरा खर्चा उठाती हैं।
बच्चों की पढ़ाई का खर्चा भी उठाती है संस्था
जिन बच्चों घर में कोई कमाने वाला नहीं होता संस्था उन गरीब बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्चा भी उठा रही हैं। वहीं गरीब महिलाओं को सिलाई मशीनें दे कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी संस्था काम कर रही हैं। इसके अलावा शहर में जो बुजुर्ग लोग अपने बच्चों से अलग रह रहे है उन लोगों को भी जरूरी सामान, दवाईयां व खाना संस्था की ओर से दिया जा रहा हैं।
