राहुल चावला, धर्मशाला: हिमाचल ना केवल अपनी प्राकृतिक का सौंदर्य के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध हैै बल्कि यहां की समृद्ध संस्कृति भी एक वजह है जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। पर्यटक देशी हो या विदेशी वो हिमाचल की संस्कृति के रंग में खुद को रंगने से नहीं रोक पाते है। इसका ही एक प्रमाण आज हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा घाटी की पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज-भागसूनाग में देखने को मिला।
यहां इजरायल से पहुंची महिलाओं का एक ग्रुप मैक्लोडगंज के स्थानीय व्यक्ति के घर में मेहमान बनकर पहुंचा है। इस दौरान इजरायल की महिलाओं को विश्व की सबसे प्राचीन जनजातियों में से एक गद्दी समुदाय की संस्कृति व पहनावे ने काफी अधिक आकर्षित किया। इसके चलते इजरायल से आई हुई महिलाओं के ग्रुप ने गद्दी पांरपंरिक भेषभूषा अपना ली और ही साथ गद्दियाली नृत्य किया। हिमाचल के प्रसिद्ध लोक गायक गद्दियाली नाटी किगं सुनील राणा के पांरपंरिक लोक गीत पर इलारायली महिलाएं जमकर नाची।
इन विदेशी मेहमानों के लोकनृत्य की वीडियो सोशल मीडिया में भी काफी पंसद की जा रही हैै। गौरतलब है कि हाल ही में रशिया के युवक व यूक्रेन की युवती ने भी भारतीय संस्कृति के तहत ही खनियारा के खड़ौता नारायण मंदिर दिव्य आश्रम में शादी की थी। इस दौरान भी रशिया व यूक्रेन के दूल्हा-दुल्हन हिमाचली लोक धूनों पर नाटी करते हुए नज़र आए थे ओर अब एक बार फिर से यह नजारा देखने को मिल रहा है। बता दें कि कोविड-19 के बाद एक बार फिर से विदेशी मेहमान धर्मशाला में पहुंचना शुरू हुए हैं, और हिमाचल व गद्दी जनजाति की संस्कृति को पर्यटक खूब पसंद कर रहे हैं।
