शिमला : कमल भारद्वाज – जिला शिमला के जुब्बल तहसील के अंदर सुंडली गांव के रहने वाले ने वेदांत धौटा ने खेल के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में मैच रजत पदक जीता । 8 से 14 जुलाई तक चली इस प्रतियोगिता में वेदांत ने उम्दा प्रदर्शन करते हुए कुल खेले पांच मुकाबलों में से चार एकतरफा अपने नाम किए ।
दूसरी बार नेशनल चैंपियनशिप में जीता सिल्वर मेडल
81+ कैटेगरी में वेदांत ने दूसरी बार नेशनल चैंपियनशिप में खेलते हुए सिल्वर मेडल पर कब्ज़ा किया । उन्होंने जीत को लेकर बेहद खुशी जताई है और इसका श्रेय अपने कोच और बॉक्सिंग फेडरेशन को दिया है । इसके अलावा उन्होंने युवाओं को भी खेल से जुड़ने का संदेश दिया । वेदांत धौटा ने अपनी इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि सिल्वर मेडल जीतने पर उन्हें बेहद खुशी है । उन्होंने कहा कि इसका श्रेय उनके कोच दिनेश और संजीव सर को जाता है । इसके अलावा उन्होंने अपनी इस जीत के लिए बॉक्सिंग फेडरेशन को भी श्रेय दिया है । वेदांत धौटा बताते हैं कि यह उनका दूसरा प्रयास था, जिसमें उन्हें रजत पदक हासिल हुआ है । वेदांत ने युवाओं को भी अधिक से अधिक खेल खेलने का संदेश दिया । वेदांत ने कहा कि फिटनेस को भी साथ लेकर चलना चाहिए, अगर स्वास्थ्य साथ रहेगा तो कुछ भी किया जा सकता है ।
इंदिरा गांधी खेल परिसर में वेदांत के कोच रहे दिनेश बताते हैं कि यह जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप 8 से 14 जुलाई तक इटानगर में हुई, जिसमें हिमाचल प्रदेश के 12 मुक्केबाजों ने हिस्सा लिया । बॉक्सिंग कोच दिनेश ने बताया कि इंदिरा गांधी खेल परिसर शिमला के दो मुक्केबाजों ने भी इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया । जिसमें वेदांत ने 5 मुकाबले खेले जिनमें चार एक तरफा अपने नाम किए । हालांकि पांचवे और आखिरी मुकाबले में भारतीय सेना के मुक्केबाज से को हार का सामना करना पड़ा । कोच दिनेश ने वेदांत के कड़े परिश्रम की तारीफ की । उन्होंने कहा कि हालांकि वे फाइनल मुकाबला हार गए, लेकिन उन्होंने कड़ी मेहनत की और बेहतरीन मुक्केबाजी की । वेदांत की मां मंजू धौटा ने बेटी की इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें प्यार खुशी है कि बेटे ने थोड़े से वक्त में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल की है । उन्होंने कहा कि प्रशिक्षकों ने दिन-रात मेहनत करवाई और बच्चे ने यह मुकाम हासिल किया ।
मंजू धौटा ने बताया कि वेदांत का खेल से परिवारिक नाता है ।उन्होंने कहा कि परिवार में पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रह चुके हैं । मंजू धौटा ने बताया कि वेदांत के दादा और बुआ अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रह चुके हैं ।
