राहुल चावला, धर्मशाला: प्रदेश में कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का मामला चल रहा हैं। यहां इस एयरपोर्ट के विस्तारवको लेकर चल रही कवायद के बीच विस्थापित होने वालों ने शर्त पर विस्तार की हामी भरी हैं। पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों का कहना था कि पहले सरकार पुनर्वास सुनिश्चित करे, फिर एयरपोर्ट का विस्तार शुरू करे। कई पंचायत प्रतिनिधियों का कहना था कि उनकी पंचायतों को एक ही जगह बसाने की व्यवस्था की जाए।
एयरपोर्ट विस्तार को लेकर विस्थापित होने वाले क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों से सुझाव लेने के लिए शुक्रवार को जिला परिषद सभागार धर्मशाला में डीसी कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में एडीएम रोहित राठौर, जिला परिषद चेयरमैन रमेश बराड़ और जिला राजस्व अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में चर्चा के दौरान वक्ताओं का कहना था कि एयरपोर्ट का विस्तार नहीं होना चाहिए, यदि होता भी है तो अधिग्रहित भूमि के मुकाबले दस गुणा भूमि दी जाए। मुआवजा भी उचित दिया जाए, इसमें किसी तरह भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। अधिकतर भूमि उपजाऊ भूमि है, क्या उसका अधिग्रहण करके उन्हें इतनी ही उपजाऊ भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी।
बैठक में कहा गया कि एयरपोर्ट विस्तारीकरण को टूरिज्म से जोड़ा जा रहा है और धर्मशाला में टूरिज्म विकास की बात कही जा रही हैं। ऐसे में क्या धर्मशाला में ही टूरिज्म है, धर्मशाला में 250 होटल हैं, जबकि इनके टूरिज्म के लिए गगल सहित 13 गांवों की 5500 आबादी को उजाड़ा जा रहा है, जो उचित नहीं है।
लोगों का कहना था कि यदि उन्हें विस्थापित किया जाता है तो जहां भी बसाया जाए, वहां हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। लोगों व पंचायत प्रतिनिधियों ने विस्थापितों के लिए अलग से टाउनशिप विकसित करने की भी बात कही। लोगों का कहना था कि विस्तारीकरण के मुद्दे पर पारदर्शिता के नाम पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा हैं।
बैठक में जिला प्रशासन से पहले ब्लू प्रिंट और रोड़ मैप क्लीयर करने की बात कही गई, उसके बाद उन्हें विस्थापित किया जाए। लोगों ने कहा कि सरकार और विभाग, लोग आए दिन बैठकें करते हैं। इसके अलावा कई बार पंचायतों की ओर से विस्तारीकरण को लेकर कई सवाल लिखित रूप से पूछे जाते हैं, लेकिन आज तक एक भी सवाल का जवाब, सरकार व प्रशासन की ओर से नहीं दिया जाता। ऐसे में बार-बार बैठकें करके प्रशासन को अपना व हमारा समय व्यर्थ करने की कोई जरूरत नहीं हैं।
