Hamirpur, Arvind-हमीरपुर जिला के नादौन विधानसभा क्षेत्र की कशमीर पंचायत में अवैध खनन का असर अब किसानों की आजीविका पर साफ दिखने लगा है। लगातार खनन गतिविधियों से यहां की पुश्तैनी फसलें प्रभावित हो रही हैं। गन्ना और अरबी जैसी प्रमुख पैदावार, जिसके लिए यह क्षेत्र कभी जाना जाता था, अब धीरे-धीरे लुप्त होने के कगार पर है।
गुरुवार को कशमीर पंचायत के चार गांव—नुग्रां, कशमीर, सदोह और तूणी—के ग्रामीण बड़ी संख्या में एकजुट होकर मतारड़ खड्ड के पास पहुंचे और अवैध खनन का विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने मांग उठाई कि मतारड़ खड्ड से लेकर नुग्रां तक खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।पूर्व प्रिंसिपल ध्रुव सिंह राणा ने बताया कि बरसात के दिनों में भी खनन गतिविधियां बिना रुके जारी हैं। इससे न केवल जलस्तर नीचे चला गया है, बल्कि किसानों को अपनी फसलों को नुकसान होने पर आग तक लगानी पड़ रही है।वहीं वार्ड पंच सतीश कुमार उर्फ निक्कू ने कहा कि कुछ वर्ष पूर्व थोड़ी बहुत कार्रवाई जरूर हुई थी, लेकिन अब हालात और बिगड़ चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई न हुई तो ग्रामीण सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
