अनिल कुमार,किन्नौर: प्रदेश में सर्दियों ने दस्तक दे दी है और अब ऐसे में प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर शुरू हो सकता है। दिसंबर का महीना शुरु हो गया है। यह कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार दिसंबर माह में प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। इसी को देखते हुए प्रदेश के जिन जिलों में अधिक बर्फबारी होती है वहां जिला प्रशासन बर्फबारी और अन्य आपदाओं से निपटने को लेकर जरूरी तैयारियां पूरी करने में जुट गया है।
बात अगर प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर की कि जाए तो किन्नौर में बर्फबारी अधिक होती है। यहां आपदा की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से जिला मुख्यालय में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित करने की योजना भी बनाई गई हैं, जहां आपदा की स्थिति में लोग संपर्क कर सकेंगे। इसके बाद जल्द से जल्द लोगों तक सहायता पहुंचाई जाएगी।
उपायुक्त किन्नौर आबिद हुसैन सादिक ने जिला की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सभी विभागाध्यक्षों को सर्दी के मौसम के दौरान आने वाली कठिनाइयों से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने व आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए दिए हैं। उनका यह प्रयास हैं कि सर्दी के मौसम के दौरान जिले के लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
उपायुक्त ने बताया कि जिला में जहां और बर्फबारी के दौरान आपदाओं से निपटने के लिए जिला मुख्यालय के साथ ही उपमंडल स्तर पर भी नियंत्रण कक्ष बनाए जाएंगे जिससे लोगों को परेशानियों का सामना ना करना पड़े। जरूरत पड़ने पर लोगों तक राहत ओर सहायता शीघ्र से शीघ्र पहुंचाई जा सके। इसी के साथ बर्फ़बारी के दौरान राष्ट्रीय उच्च मार्ग सहित जिला के अन्य सड़क संपर्क मार्गों पर यातायात सुचारू रूप से चल सके इसके लिए भी लोक निर्माण विभाग को आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
उपायुक्त ने कहा हैं कि बर्फ हटाने के लिए आवश्यक श्रम शक्ति व मशीनरी की व्यवस्था सहित अन्य मशीनों इत्यादि की जांच समय रहते पूरी कर ली जाए ताकि बर्फबारी की स्थिति में तत्काल अवरूद्ध मार्गों को खोला जा सके। उन्होंने भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस बल को किसी भी आपदा स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं जिला में भारी बर्फबारी होने के चलते पानी की सप्लाई भी बाधित हो जाती है क्योंकि पानी की पाइपें यहां जम जाती हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए उपायुक्त की ओर से सिंचाई विभाग को भी आवश्यक तैयारियां करने की दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। सिंचाई विभाग को डीजल से चलने वाले पंपों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं जिससे बर्फ़बारी के दौरान पानी की सप्लाई को सुचारू रखा जा सके। उन्होंने विद्युत विभाग को बर्फबारी के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित बनाए रखने के लिए आवश्यक उपकरणों का समय रहते भंडारण सुनिश्चित बनाने व अन्य सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश जारी किए हैं।
