By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - HimachalSummer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal
Aa
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
Reading: हिमाचल में इस जगह स्थित हैं विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर जहां श्री कृष्ण के साथ होती हैं मीरा की पूजा…यहां पढ़ें मंदिर का पूरा इतिहास
Share
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - HimachalSummer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal
Aa
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
Search
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
© 2022 Dawn News Network Pvt Ltd. | News Media Company | All Rights Reserved.
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal > Blog > himachal > हिमाचल में इस जगह स्थित हैं विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर जहां श्री कृष्ण के साथ होती हैं मीरा की पूजा…यहां पढ़ें मंदिर का पूरा इतिहास
himachalReligion

हिमाचल में इस जगह स्थित हैं विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर जहां श्री कृष्ण के साथ होती हैं मीरा की पूजा…यहां पढ़ें मंदिर का पूरा इतिहास

admin
admin 6 Min Read
Updated 2022/12/01 at 5:12 PM
Share

संजीव महाजन,नूरपुर: हिमाचल को विश्व भर में देवभूमि के नाम से जाना जाता है। यहां देवी देवताओं के अनेक मंदिर है और इन मंदिरों का भव्य इतिहास भी है जो हिमाचल अपने आप में संजोए हुए हैं। यहां हिमालय की गोद में बसे हर देवी देवताओं के पीछे कई कहानियां और मान्यताएं हैं,जिन्हें आज भी लोग मानते हैं और उनकी देवी-देवताओं के प्रति अटूट श्रद्धा और आस्था है। आज समय न्यूज़ आपको हिमाचल के एक ऐसे ही भव्य मंदिर के बारे में जानकारी देने जा रहा है जहां श्री कृष्ण के साथ मीरा की पूजा की जाती है। जी हां यह विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां भगवान श्री कृष्ण के साथ उनकी सबसे प्रिय भक्त मीरा की पूजा होती है।

यह मंदिर हिमाचल के नूरपुर के प्राचीन किला मैदान में स्थित हैं और इसे भगवान श्री बृजराज स्वामी के मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर जिस विशेषता के लिए प्रसिद्ध हैं वह यह हैं कि इस मंदिर में श्री कृष्ण की मूर्ति राधा जी के साथ नहीं बल्कि मीरा बाई के साथ स्थापित है। यह दोनों मूर्तियां इतनी अलौकिक और आकर्षक है कि जिनके दर्शन मात्र से व्यक्ति की हर मनोकामना पूर्ण हो जाती है। इन मूर्तियों की भव्यता देखते ही बनती है और जो कोई भी इन मूर्तियों को देखता है उसे यही प्रतीत होता है मानो भगवान श्रीकृष्ण उसकी आंखों के समक्ष प्रत्यक्ष रूप से खड़े हो।

चलिए अब आपको इस मंदिर की भव्यता और विशेषता से तो हमने अवगत करवा दिया अब आपको इस मंदिर के इतिहास से भी थोड़ा रूबरू करवाते हैं। यह उस समय की बात है जब 1629 से 1623 ई. में चितौडग़ढ के राजा के निमंत्रण पर नूरपुर के राजा जगत सिंह अपने राज पुरोहित के साथ चितौड़गढ़ पहुंचे। जिस महल में राजा जगत सिंह व उनके पुरोहितों को रात्रि विश्राम के लिए ठहराया गया था, उसके बगल में एक मंदिर था। रात में राजा को उस मंदिर से घुंघरूओं ओर संगीत की आवाजें सुनाई दी।

जब उन्होंने महल की खिड़की से बाहर झांका तो मंदिर में एक औरत कमरे में श्रीकृष्ण की मूर्ति के सामने भजन गाते हुए नाच रही थी। उस मंदिर में श्री कृष्ण व मीरा की मूर्तियां साक्षात थी। राजा ने रात की पूरी घटना राज पुरोहित को सुनाई। पुरोहित ने राजा को राजा (चितौडग़ढ़) से इन मूर्तियों को उपहार स्वरूप मांग लेने का सुझाव दिया। उसके अगले दिन चितौडग़ढ़ के राजा ने दोनों मूर्तियां व एक मौलश्री का पौधा राजा जगत सिंह को उपहार स्वरूप प्रदान कर दिया। नूरपुर के राजा ने इन मूर्तियों को अपने दरबार-ए-खास को मंदिर का रूप देकर स्थापित करवा दिया। श्री कृष्ण की प्रतिमा को उन्होंने वहीं पर स्थापित करवाया जहां राजा का सिंहासन था। यही कारण है कि अब यह स्थान श्री बृजराज स्वामी मंदिर के रूप में जाना जाता है।

उसके बाद जब कांगड़ा पर मुस्लिम आक्रमणकारियों ने हमला किया तो उन्होंने इस मंदिर को भी पूरी तरह क्षत विक्षत कर दिया था। तब स्थानीय लोगों ने इन मूर्तियों को हमलावरों से बचाने के लिए लदरौर के पास एक कुएं में सुरक्षित रख दिया था जहां इन्हें सात से आठ साल तक रखा गया। इसके बाद इन मूर्तियों को यहां से निकाल कर दोबारा से जहां राजदरबार था वहां स्थापित किया गया और आज भी यह मूर्तियां उस जगह पर स्थापित है जहां अब बृज बिहारी जी के मंदिर का निर्माण हो चुका है।

मान्यता है कि इस मंदिर में हर रात भगवान श्री कृष्ण आते हैं, इसलिए रोजना इस मंदिर में पूजा-पाठ होता है और रात के समय मंदिर के द्वार बंद कर दिए जाते हैं। मंदिर बंद करने से पहले मूर्तियों के समक्ष शयनासन, चरण पादुकाएं व एक गिलास पानी से भरा रखा जाता है। सुबह जब मंदिर का दरवाजा खोला जाता है तो शयनासन पर सिलवटें होती हैं और पानी की गिलास गिरा होता है। माना जाता है कि रात में श्रीकृष्ण व मीराबाई यहां विश्राम करते हैं।

हर साल भव्य रूप से होता हैं जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन

नूरपुर में स्थित इस बृज बिहारी स्वामी के मंदिर में पहले जिला स्तरीय जन्माष्टमी मनाई जाती थी पर इस साल से वन मंत्री राकेश पठानिया के प्रयासों से राज्यस्तरीय जन्माष्टमी उत्सव का दर्जा मिला और इस एतिहासिक मंदिर में राज्यस्तरीय जन्माष्टमी महोत्सव मनाया जाता है। हर साल इस मंदिर में जन्माष्टमी महोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।

स्थानीय लोगों की कमेटी करती है मंदिर की देखरेख

इस मंदिर की देखभाल के लिए स्थानीय लोगों ने एक कमेटी बनाई हैं जो इस मंदिर में हर व्यवस्था को बहुत ही बेहतरीन तरीके से चला रही है। यहां पर सुबह-शाम आरती का आयोजन किया जाता है जिसमें नूरपुर वासी शमिल रहते हैं और कमेटी की तरफ से हर वीरवार दोपहर को लंगर की व्यवस्था भी की जाती है।

TAGGED: himachal, Shri Krishna
admin December 1, 2022
Share this Article
Facebook TwitterEmail Print
Previous Article हिमाचल के इस शक्तिपीठ में 3 दिनों में 70 हजार श्रद्धालुओं ने चढ़ाया 37 लाख का चढ़ावा
Next Article सर्दियों की आपदा से निपटने के लिए यह है किन्नौर जिला प्रशासन का प्लान
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Browse by Category
  • Accident
  • Business /Employement
  • crime
  • education
  • election
  • festival
  • health
  • himachal
  • News
  • political
  • political
  • Religion
  • Sports
  • Uncategorized
  • weather
  • शख़्सियत

You Might Also Like

इस बार शनि जयंती पर विशेष संयोग, भव्य तरीके से सजाया गया छोटी काशी का शनिधाम

Ago

हिमाचल में 11 मई से फिर बदलेगा मौसम, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी

Ago

महिलाओं की सुविधा से समझौता नहीं, KNH पर बोलीं प्रतिभा सिंह

Ago

शिमला में दर्दनाक हादसा, आग की चपेट में आने से नेपाली युवक की मौत

Ago

1058, Mall Enclave, DAYAL NAGAR,
Ludhiana, Punjab 141001

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?