नूरपुर (संजीव महाजन): हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में हुए सड़क हादसे में 14वीं वाहिनी एनडीआरएफ की आरआरसी रामपुर, जिला शिमला के बचाव दल की टीम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एनडीआरएफ की टीम की ओर से 300 फीट की गहरी खाई से हादसे का शिकार हुए लोगों के शव निकाले गए। खाई इतनी गहरी थी कि गाड़ी भी सड़क से नहीं दिखाई दे रही थी। बावजूद इसके एनडीआरएफ की टीम ने जज्बा नहीं टूटा और उन्होंने अपनी जान जोख़िम में डाल कर रेस्क्यू अभियान चलाया।
जानकारी के मुताबिक हादसे में दुर्घटनाग्रस्त निजी वाहन 3 यात्रियों के साथ रामपुर से कल्पा की तरफ जा रहा था, चौरा के पास अनियंत्रित होकर सड़क से लगभग 300 फीट गहरी खाई में गिर गया। दुर्घटना के समय वाहन चालक तो गाड़ी से बाहर निकल गया, लेकिन गाड़ी में बैठी उसकी मां और बहन गाड़ी के साथ ही गहरी खाई में चले गए। इस दुर्घटनाग्रस्त वाहन में उन दोनों यात्रियों की मृत्यु हो गई थी, जिनके मृत देह को 14वीं वाहिनी एनडीआरएफ के रेस्क्यू दल के सदस्यों ने रस्सों व एनडीआरएफ के अन्य उपकरणों की सहायता से गहरी एवं दुर्गम खाई से बाहर निकाला गया।
दोनों मृतकों की पहचान गंगा देवी, आयु 60 वर्ष और नेहा की आयु 25 वर्ष, गांव गौथी तहसील कल्पा जिला किन्नौर के रूप में की गई है। दोनों मृत देह को स्थानीय पुलिस के हवाले किया गया। उपरोक्त घटनाक्रम के दौरान विमला वर्मा एसडीएम भावानगर घटनास्थल पर मौजूद रही। एसडीएम भावानगर ने 14वीं वाहिनी एनडीआरएफ के जवानों और अन्य एजेंसियों की ओर से चलाए गए राहत एवं बचाव कार्य की बहुत सराहना की।
