नूरपुर (संजीव महाजन): प्रदेश ने फैली लंपी महामारी पहले जहां पालतु पशु ही चपेट में आ थे तो वहीं अब यह महामारी सड़कों पर लावारिस घूम रहे पशुओं को भी अपना शिकार बना रही है। फर्क इतना है कि घरों में पल रहे पशु जो इस महामारी की चपेट में आए हैं। उनका ख्याल तो पशुपालक रख रहे हैं लेकिन जिन पशुओं को पहले ही लोगों ने सड़कों पर छोड़ दिया है। वह इस महामारी का शिकार हुए हैं तो उनका न तो कोई ख्याल रख रहा है और ना ही उन्हें इलाज मिल पा रहा है।
यही हाल ज्वाली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम हरनोटा पंचायत में देखने को मिल रहा है, जहां पर एक लावारिस गाय जो कि लंपी महामारी से ग्रस्त है और सड़क के किनारे बेसुध अवस्था में पिछले 4 दिन से पड़ी हुई है। आसपास के लोगों से जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यह गाय पिछले 4 दिन से इसी जगह पर पड़ी हुई है जिसकी सुध लेने कोई प्रतिनिधि नेता या गौ सेवक नहीं आया है। कुछ स्थानीय युवाओं ने गाय को पानी,घास और उठाने का प्रयास भी किया है। गाय की इस हालत पर वहां पर मौजूद लोगों ने यह सवाल जरूर उठाया गया कि क्या पंचायत प्रशासन का इस गाय को लेकर कोई फर्ज नहीं बनता है।
हरनोटा पंचायत के ही उपप्रधान रफीक मोहम्मद उर्फ संजू से फोन पर बात हुई तो उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की ओर से गाय की देखरेख की जा रही है। डॉक्टर भी सुबह शाम गाय के उपचार हेतु आते है। वेटरनरी अस्पताल पशु औषधालय निकाल-2 के फार्मासिस्ट वीरेंद्र कुमार से फोन पर बात हुई तो उन्होंने कहा की वह सुबह शाम और कभी दिन में भी समय मिले तो गाय को उपचार देने के लिए आ जाते हैं, और अंत में जब इसी संदर्भ में एसडीएम ज्वाली महेंद्र प्रताप सिंह से फोन पर बात हुई तो उन्होंने कहा कि मामला आप के माध्यम से मेरे ध्यान में आया है तो संज्ञान लिया जाएगा।
