शिमला,10 जनवरी(TSN)-नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करके बद्दी में गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त लोगों को संरक्षण देने का काम कर रही है।मुख्यमंत्री को प्रदेश के हितों से ज्यादा अपनी कुर्सी की चिंता है।इसीलिए राजनीतिक दबाव में आकर उन्होंने बद्दी की एसपी पर कार्रवाई की और उन्हें जबरन छुट्टी पर भेज दिया। जिससे वहां तैनात होने वाले आगे अधिकारियों पर भी यह दबाव बने की सरकार के लोगों को छेड़ना नहीं है।
सरकार ने बद्दी में भ्रष्टाचार और माफिया को संरक्षण देने के हर हथकंडे अपनाए
वहीं नेता प्रतिपक्ष ने उच्च न्यायालय द्वारा बद्दी में आईपीएस अधिकारी इल्मा अफरोज को फिर से एसपी के पद पर नियुक्त करने के आदेश देने का स्वागत किया।उन्होंने कहा कि सरकार इस कदर अराजक है कि न्यायालय को इस मामले में हस्ताक्षेप करना पड़ा।आखिर इस तरीके से मुख्यमंत्री किसे बचाना चाहते हैं? और उससे भी जरूरी सवाल है क्यों बचना चाहते हैं? मुख्यमंत्री द्वारा माफियाओं को संरक्षण देने के पीछे की मंशा क्या है? क्यों एक अधिकारी को प्रताड़ित करने के हर हथकंडे सरकार द्वारा अपनाए गए? क्यों सरकार में बैठे लोगों द्वारा एक आईपीएस को इतना प्रताड़ित किया गया कि वह रातों-रात अपना दफ्तर और घर छोड़कर चली गई? क्यों एक आईपीएस को प्रताड़ित करने वाले लोगों के साथमुख्यमंत्री खड़े रहे और उनका बचाव करते रहे? मुख्यमंत्री प्रदेश का मुखिया होता है,अभिभावक होता है,यदि अभिभावक ही ऐसा काम करने लगे तो प्रदेश के लोग कहां जाएंगे? मुख्यमंत्री को प्रदेश के लोगों को इस बात का जवाब देना ही पड़ेगा कि उन्होंने ऐसे लोगों का साथ क्यों दिया जो न्याय की कसौटी पर खरे नहीं उतरे? साथ ही मुख्यमंत्री को सबक लेना चाहिए कि वह माफिया और गैरकानूनी काम करने वालों के दबाव में आकर अन्याय न करें।
