संजु चौधरी, शिमला: प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद कांग्रेस ने पूर्व की भाजपा सरकार के कार्यकाल में खोले गए संस्थानों को डिनोटिफाइ करने का फ़ैसला लिया हैं। भाजपा कांग्रेस के इस फ़ैसले का लगातार विरोध जता रही हैं। संस्थानों को डिनोटिफाई किए जाने को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपना मोर्चा भी खो दिया हैं। ऐसे में अब नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की ओर से प्रदेश सरकार को खोले गए संस्थानों को बंद करने के बजाए अपना काम शुरू करने की सलाह दी हैं।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि अब सरकार को काम करना शुरू करना चाहिए,चले कामों को बंद करने का काम इस सरकार को अब बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैंने आज स्वयं टेलीफोन से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से बात की है और उनसे जिस प्रकार से पूरे प्रदेश भर में कांग्रेस सरकारी संस्थान बंद कर रही हैं इसके बारे में विस्तृत रूप से चर्चा भी की हैं। आज हिमाचल प्रदेश में 20 कॉलेजों को बंद कर दिया गया हैं यह निराशाजनक हैं। इसमें मेरे क्षेत्र का छतरी कॉलेज भी शामिल हैं। इस कॉलेज का भवन निर्माण हो चुका हैं। शिलान्यास भी कर दिया गया हैं, बजट का प्रावधान भी पूर्ण हैं। एएनडीएस का काम पूरा हो चुका हैं और जमीन भी दे दी गई हैं। यह कॉलेज 1 साल से चल रहा था और इसमें 60 बच्चे पढ़ भी रहे थे तब भी संस्थान को बंद कर दिया गया जो गलत हैं।
उन्होंने कहा कि मैने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि अपने निर्णय का रिव्यु करें और मैं आशा करता हूं कि जल्द ही यह सरकार ऐसे लिए गए निर्णयों का रिव्यु करेगी। पर जनता में इन जनविरोधी फैसलों पर बहुत रोष हैं। यह सभी कार्यालय जनता की मांग पर खोले गए थे और जनता की भावनाओं का अनादर करना ठीक नहीं हैं। अगर जनता को लगता है कि यह निर्णय गलत हैं तो लोग अपना रास्ता खुद ढूंढ लेंगे और कोर्ट भी जाएंगे यह निश्चित हैं। पूरे प्रदेश में हर विधानसभा में निराशा का माहौल कांग्रेस के इस फ़ैसले से बन गया हैं।
पहले तीन महीने में होती थी एक कैबिनेट अब तीसरे दिन हो रहा आयोजन
वहीं नेता प्रतिपक्ष ने तीसरे दिन कैबिनेट आयोजन को लेकर कहा कि पहले 3 महीने में एक कैबिनेट हुआ करती थी अब हर दूसरे दिन कैबिनेट हो रही हैं। पर मैं आशा करता हूं कि कैबिनेट में जनता को परेशान करने वाले निर्णय नहीं लिए जाएंगे, जनहित के कार्यों पर इन कैबिनेट के फैसलों पर ध्यान केंद्रित होना चाहिए।
