शिमला :चन्द्रिका – भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना से भारतीय सनातन धर्म महावीर दल का एक प्रतिनिधिमंडल मिला और एक ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान हिमाचल स्थित माता चिन्तपूर्णी जी के दरवार में माथा टेकने पर लगाए गये 1100 रूपये शुल्क को हटाने एवं मंदिर अधिकारी के स्थान पर मुख्य सेवादार लगाने की मांग की गई ।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि गत दिनों माता चिन्तपूर्णी जी के दरवार में लिफ्ट के माध्यम से माथा टेकने वाले भक्तों पर कांग्रेस सरकार ने 1100 रूपये शुल्क लगाया है। जो कि भक्तो की आस्था, श्रद्धा पर राज्य सरकार और प्रबंधक इकाई का आघात है, जिसे किसी भी कीमत बर्दास्त नहीं किया जा सकता। जबकि राज्य सरकार माता के दरवार में आने वाले श्रद्धालुओं के कारण भारी राजस्व प्राप्त होता है फिर भी सरकार का तानाशाही रवैया समझ से बाहर है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार से प्रबन्ध नहीं किया जाता तो हिन्दू मंदिरो को हिमाचल सरकार आज़ाद कर हिन्दुओं के सपुर्द करें तांकि हिन्दू अपने मंदिरों का प्रबंधन खुद अच्छे ढंग से कर सके।
इसको लेकर अविनाश राय खन्ना ने हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को एक पत्र लिखा है । उन्होंने पत्र के माध्यम से निवेदन किया की पंजाब सहित देश के सभी राज्यों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु माता रानी के दरबार में माथा टेकने हिमाचल प्रदेश में आते हैं। श्रद्धालुओं के हिमाचल आने से यहां की सरकार को राजस्व प्रात्त होता है, ऐसे में लिफ्ट के माध्यम से माता रानी के दर्शनों पर शुल्क लगाने से श्रद्धालुओं की आस्था आहत हो रही है। श्रद्धालुओं की मांग अनुसार लिस्ट के माध्यम से माता रानी के दर्शनों के लिए लगाया गया शुल्क हटाया जाए और मंदिर के मुख्य प्रबंधक जिसको मंदिर का मुख्य अधिकारी कहा जाता है, के पद को मुख्य सेवादार का पद घोषित किया जाए। अविनाश राय खन्ना ने हिमाचल सरकार को यह सुझाव दिया कि अगर माता रानी के मंदिर में लगी हुई लिफ्ट का प्रयोग बुजुर्ग और बिमार श्रद्धालुओं को निशुल्क दर्शन करवाने में किया जाए तो इससे श्रद्धालुओं को काफी सुविधा होगी।
