संजु चौधरी, शिमला: हिमाचल प्रदेश में नई आबकारी (शराब) नीति को सोमवार को मंजूरी कैबिनेट की बैठक में दे दी गई हैं। कैबिनेट की यह बैठक मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित कि गई। बैठक में नई आबकारी (शराब) नीति को मंजूरी दी गई हैं। अब प्रदेश में शराब के ठेकों की नीलामी से सरकार को 15 से 20 फीसदी ज्यादा आय होगी।
कैबिनेट की इस बैठक में वाटर सेस लगाने का निर्णय भी लिया हैं, जिसको लेकर वॉटर सेस हाइड्रोपावर Generation Bill 2023 लाया जाएगा। इससे सरकार को एक हज़ार करोड़ से ज्यादा की आमदनी होगी। हिमाचल में 10 हजार 999 MW के 172 बिजली प्रोजेक्ट हैं जिससे फायदा सरकार को मिलेगा।
इस बैठक में नई बसों की खरीदारी को लेकर भी मंजूरी दी गई। अब सरकार नई बसों की खरीद करेगी। हिमाचल में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर कैबिनेट में विस्तृत रिपोर्ट लाकर फैसला लिया जाएगा। मार्च माह में 200 एचआरटीसी बसें कंडम हो रही हैं। इसके अलावा 15 साल पुराने वाहन भी खत्म हो रहे हैं जिसको देखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों को लेने पर विचार किया जाएगा।
बैठक में राज्य में एक प्रभावी ऑनलाइन एंड-टू-एंड आबकारी प्रशासन प्रणाली स्थापित करने का निर्णय लिया गया, जिसमें वास्तविक समय में निगरानी के लिए मॉड्यूल के अलावा शराब की बोतलों के ट्रैक एवं ट्रेस की सुविधा शामिल होगी। इस नीति को सरकार, उपभोक्ता, खुदरा विक्रेता, थोक व्यापारी, बॉटलिंग प्लांट, डिस्टिलरी, होटल ओर बार इत्यादि सभी हितधारकों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया हैं। विभाग की ओर से सभी वर्गों से चर्चा एवं सुझाव के बाद यह निर्णय लिए गए हैं।
मंत्रिमंडल की बैठक में आगामी विधानसभा सत्र में हिमाचल प्रदेश वाटर सेस ऑन हाईड्रोपावर जनरेशन विधेयक, 2023 लाने और 10 मार्च, 2023 से हिमाचल प्रदेश वाटर सेस ऑन हाईड्रोपावर जनरेशन अध्यादेश, 2023 लागू करने का भी निर्णय लिया।
