नीरज डोगरा, शिमला: बीते कल कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता हर्ष महाजन ने कांग्रेस का हाथ छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया। ऐसे में उनके पार्टी छोड़कर जाने और भाजपा में शामिल होने के बाद से सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। हर्ष महाजन के पार्टी छोड़कर भाजपा में जाने पर हिमाचल कांग्रेस महासचिव और विधायक विक्रमादित्य सिंह ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि यदि हर्ष महाजन पहले पार्टी छोड़ने की बात बता देते तो उन्हें होली लॉज में पार्टी दी जाती और फूल मालाएं पहना कर उनकी विदाई की जाती।
कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हर्ष महाजन पिछले कुछ समय से बीमार भी चल रहे थे। ऐसे में यह भी संभव है कि उन्होंने मानसिक दबाव में भाजपा में जाने का फैसला लिया हो। उन्होंने कहा कि हर्ष महाजन के भाजपा में जाने से कांग्रेस को रत्ती भर भी फर्क नहीं पड़ेगा। कांग्रेस ने उन्हें पूरा मान सम्मान दिया। स्वर्गीय वीरभद्र सिंह ने उन्हें काफी अहम पदों पर बिठाया ओर उन्हें पूरा सम्मान दिया और अभी भी कार्यकारी अध्यक्ष उन्हें बनाया गया था,लेकिन उन्हें पार्टी छोड़नी थी ये उनका निजी फैंसला है ।
वहीं विधायक ने आरोप लगाया कि हिमाचल भाजपा ने विधायकों कीखरीद फरोख्त के लिए 500 करोड़ रुपए का बजट रखा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कांग्रेस के नेताओं पर दबाव बना रहे है। कई नेताओं पर राजनीतिक दबाव बनाकर उन्हें भाजपा में शामिल करने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस के विधायक अनिरुद्ध सिंह ने इसका खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास काफी वरिष्ठ नेता है। कांग्रेस के लिए मुश्किल समय है और पार्टी का सच्चा कार्यकर्ता कभी पार्टी को छोड़ कर नहीं जाएगा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का सच्चा कार्यकर्ता हर हाल में कांग्रेस की सरकार बनाकर ही दम लेगा।
वहीं विक्रमादित्य सिंह शिमला में सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के उद्घाटन पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि यह अस्पताल पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह की देन है। अभी यह अस्पताल बन कर तैयार नहीं हुआ है। सड़क अस्पताल तक नहीं है। डॉक्टरों की तैनाती नहीं की गई और राजनीतिक लाभ लेने के लिए जल्द बाजी में मुख्यमंत्री ने इसका उद्घाटन किया है।
