राकेश, ऊना: मणिपुर में आदिवासी महिलाओं के साथ हुई बर्ब+रता को लेकर देशभर में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा हैं। प्रदेश में भी इस घटना को लेकर लोग सड़कों पर उतर कर अपना विरोध जता रहे हैं। कांग्रेस के साथ ही अन्य पार्टियां भी इस मुद्दे को लेकर जगह-जगह प्रदेश में अपना प्रदर्शन कर रही हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को ऊना में भी मणिपुर घटना को लेकर महाऋषि वाल्मीकि गुरु रविदास यूथ एकता महासभा के लोगों की ओर से रोष रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर डीसी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर मणिपुर घटना के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई। पीड़ितों को उचित मुआवजा, मणिपुर सरकार को बर्खास्त करने की मांग की गई। मीडिया से रूबरू होते हुए महाऋषि वाल्मीकि गुरु रविदास यूथ एकता महासभा के पदाधिकारियों ने बताया की मणिपुर की घटना से पूरा देश शर्मसार हैं। मणिपुर की घटना को 2 माह होने के बाद भी वहां की सरकार की ओर से इस पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई हैं।
जब मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो सरकार की ओर से इस मामले में आनन-फानन कार्रवाई कर खानापूर्ति की गई। उन्होंने कहा की वायरल वीडियो में जिस प्रकार उन महिलाओं के साथ दरिं+दगी की गई है वह शर्मसार करने वाली हैं। उन्होंने कहा है की केंद्र सरकार इस मामले में जल्द से जल्द आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें और इस घटना में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए और पीड़ितों को उचित मुआवजा मिलना चाहिए।
उन्होंने मांग उठाई हैं की मणिपुर घटना के मुख्य दोषियों को फां+सी की सजा दी जानी चाहिए और वहां की सरकार को जल्द से जल्द बर्खास्त किया जाना चाहिए। प्रदर्शन करने वाले लोगों ने कहा है कि अगर सरकार ने समय रहते कुछ नहीं किया तो आने वाले 15 अगस्त जिस दिन स्वतंत्रता दिवस है हम समझेंगे की आजादी का हम गरीब लोगों के लिए कोई महत्व नहीं हैं। चाहे वह दलित हो जा आदिवासी महिलाएं हो आज भी वह गुलामी की जिंदगी जी रहे हैं, इसलिए 15 अगस्त को हम काली आजादी मनाएंगे और आजादी का विरोध करेंगे।
