नूरपुर, संजीव -: ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में कृषि विज्ञान केंद्र कांगड़ा द्वारा किसानों के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सतत कृषि और आजीविका संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और प्राकृतिक खेती से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि सरकार ने प्राकृतिक खेती से तैयार फसलों के समर्थन मूल्य में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की है।अब गेहूं का समर्थन मूल्य 80 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्की का 50 रुपये प्रति किलोग्राम और हल्दी का 150 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। इसके अलावा अदरक को 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदने का निर्णय भी लिया गया है। उन्होंने कहा कि इन फैसलों से किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और वे प्राकृतिक खेती की ओर अधिक आकर्षित होंगे।मंत्री ने पशुपालन को प्राकृतिक खेती का अभिन्न हिस्सा बताते हुए कहा कि सरकार इस क्षेत्र को भी बढ़ावा दे रही है। गाय के दूध का समर्थन मूल्य 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का 71 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है, जिससे किसानों की आय में और वृद्धि होगी।उन्होंने यह भी बताया कि ढगवार में लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जो किसानों के लिए लाभकारी साबित होगा।
कार्यक्रम में डॉ. अशोक कुमार पण्डा ने प्राकृतिक खेती को वर्तमान समय की जरूरत बताया और किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम करने की अपील की। वहीं अतिरिक्त निदेशक कृषि राहुल कटोच ने कहा कि विभाग किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा है।कार्यक्रम के अंत में किसानों को सब्जियों के पौधे और प्राकृतिक खेती से संबंधित पुस्तकें वितरित की गईं। अधिकारियों और वैज्ञानिकों की उपस्थिति में यह कार्यक्रम किसानों के लिए उपयोगी साबित हुआ।
