नूरपुर ,संजीव -: नूरपुर में आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या अब स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। शहर की सड़कों पर खुलेआम घूमते पशु न केवल यातायात व्यवस्था को बाधित कर रहे हैं, बल्कि सड़क हादसों का कारण भी बन रहे हैं। रोजाना लोग इन पशुओं के कारण परेशानी झेल रहे हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
इस गंभीर समस्या को लेकर एसडीएम अरुण शर्मा ने चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि आवारा पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। कई मामलों में वाहन चालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, जबकि कुछ लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। यह स्थिति प्रशासन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।प्रशासन द्वारा पहले भी इस समस्या से निपटने के प्रयास किए गए हैं। नगर निगम के सहयोग से दो बार आवारा पशुओं को पकड़कर उन्हें इंदौरा स्थित पशुसदन में भेजा गया था। हालांकि, यह प्रयास स्थायी समाधान साबित नहीं हो पाए। मुख्य कारण यह है कि नूरपुर का पशुसदन फिलहाल बंद पड़ा हुआ है, जिससे पशुओं के पुनर्वास की व्यवस्था बाधित हो रही है।
एसडीएम अरुण शर्मा ने कहा कि इस समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन, पशुपालन विभाग और नगर निगम के साथ मिलकर जल्द ही ठोस कदम उठाएगा। साथ ही, बंद पड़े पशुसदन को दोबारा शुरू करने के लिए भी प्रयास जारी हैं और इस दिशा में विभागीय स्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है।अब शहरवासियों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्यवाही पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही इस समस्या का प्रभावी समाधान निकलेगा और नूरपुर की सड़कों पर सुरक्षा और व्यवस्था बहाल हो सकेगी।
