कुल्लू : मनमिंन्द्र अरोड़ा – जिला कुल्लू के पवित्र स्थानों को प्लास्टिक मुक्त करने की दिशा में अब पंचायतों ने भी अपने स्तर पर काम करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में जिला कुल्लू के मणिकर्ण घाटी के खीरगंगा ट्रैक पर प्लास्टिक का कचरा न फैल सके। इसके लिए पंचायत स्तर पर कार्य शुरू कर दिया गया है।
पर्यटकों से प्रवेश द्वार में एकत्र किया जाएगा प्लास्टिक
मणिकर्ण घाटी की बरशैणी पंचायत के द्वारा इस बारे ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित किया गया है। ताकि धार्मिक स्थलों पर प्लास्टिक का कचरा एकत्र ना हो सके। इसी विषय को लेकर जिला परिषद कुल्लू के अध्यक्ष पंकज परमार और बरशैणी पंचायत के प्रधान रविंद्र कुमार ने डीसी कुल्लू आशुतोष गर्ग के साथ मुलाकात की। वही, उन्होंने डीसी आशुतोष को अवगत करवाया कि मणिकर्ण घाटी के खीरगंगा ट्रैकिंग रूट पर्यटक लाखों की संख्या में हर साल जाते हैं। लेकिन सीजन खत्म होने के बाद पूरे इलाके में सिर्फ प्लास्टिक की प्लास्टिक नजर आता है।
पंकज परमार ने बताया कि ऐसे में बरशैणी पंचायत के द्वारा ग्राम सभा के माध्यम से यह निर्णय लिया गया है कि पंचायत के प्रवेश द्वार पर एक नाका स्थापित किया जाएगा। जहां पर ट्रैकिंग रूट की ओर जाने वाले सभी लोगों का भी पंजीकरण किया जाएगा। इसके अलावा उनके पास जो भी प्लास्टिक की बोतल है या अन्य कचरा होगा। उसे वहीं पर एकत्र कर दिया जाएगा। ताकि धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण खीर गंगा स्थान पवित्र बना रह सके। वही बरशैणी पंचायत के प्रधान रविंद्र कुमार ने बताया कि पर्यटकों को इस ट्रैकिंग रूट के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं होती है। जिसके चलते आए दिन पर्यटकों के लापता होने की भी खबरें सामने आती है। ऐसे में पंचायत के प्रतिनिधियों के द्वारा ट्रैकिंग पर जा रहे सभी सैलानियों को रास्ते की भी जानकारी दी जाएगी और उनसे आग्रह किया जाएगा कि अपने साथ प्लास्टिक का कचरा बिल्कुल भी ना ले जाए।
