नाहन/देवेन्द्र कुमार: गिरिपार अनुसूचित जाति अधिकार संरक्षण समिति ने नेहरू मैदान राजगढ़ में एक महासभा व महारैली का आयोजन किया। जिसमें प्रदेश भर के 12 संगठनों के अनुसूचित जाति के पदाधिकारी व लोग उपस्थित हुए। इस मौके पर भीम आर्मी एकता मिशन भारत के प्रदेश अध्यक्ष रवि दलित ने अपने संबोधन में स्थानीय विधायक रीना कश्यप, रेणुका के विधायक विनय कुमार व सांसद सुरेश कश्यप तथा पूर्व सांसद वीरेंद्र कश्यप को अनुसूचित जाति के हितों की बात न करने के लिए उनका विरोध करने, उन्हें वोट न देने का लोगों से आवाहन किया।
उन्होंने कहा कि 40 प्रतिशत लोगों के अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा और यदि ऐसा होता है तो सरकार की इंट से इंट बजाई जाएगी। उन्होंने माना कि उनका संगठन जातीय संगठन है। 70 वर्षो से हिमाचल प्रदेश में नीला झंडा उठाने वाला कोई नहीं था, लेकिन भीम आर्मी एकता मिशन भारत के गठन के एक वर्ष बाद पुरे प्रदेश को नीला नीला कर दिया गया है।
सरकार ने गलत रिपोर्ट देकर प्रभावशाली लोगों को जनजाति घोषित करने की साजिश की
रैली संबोधित करते हुए संगठन के एक सदस्य ने हाटीयो को काल्पनिक करार देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार व केद्र सरकार ने गलत रिपोर्ट देकर प्रभावशाली लोगों को जनजाति घोषित करने की साजिश की जा रही है। जिससे अनुसूचित जाति के लोगों को अनुसुचित जाति जन जाति अत्याचार निवारण अधिनियम (एट्रोसिटी एक्ट) व पंचायतों में आरक्षण के अधिकारों को वंचित किया जा रहा है इतना ही नही इस क्षेत्र के हाटी बन जाने से अन्य पिछडा वर्ग व अति निर्धन वर्ग को मिलने वाला आरक्षण भी समाप्त हो जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि यह जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र का ही नहीं बल्कि समूचे हिमाचल प्रदेश के अनुसूचित जाति के लोगों का मसला है।
राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को एसडीएम के माध्यम से दिया ज्ञापन
12 संगठनों के वक्ताओं के संबोधन के बाद नेहरू मैदान से एसडीएम कार्यालय तक रैली निकाली गई और देश के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को एसडीएम राजगढ़ के माध्यम से ज्ञापन भेजा। खास बात यह रही कि इस महा रैली से भाजपा व कांग्रेस के संगठनात्मक नेताओ व पंचायत प्रतिनिधियो ने दूरी बनाये रखी ये सभी लोग इस महारैली मे नजर नही आए।
