योगेश शर्मा, सोलन: प्रदेश में सर्दियों के दस्तक देते ही प्रवेश में प्रवासी पक्षियों के आने का दौर भी शुरू हो जाता हैं। विदेशों से प्रवासी पक्षी सर्दियों के दिनों में खाने की तलाश में प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर पहुंचते हैं।वहीं प्रवासी पक्षियों की प्रदेश में मौजूदगी से बर्ड फ्लू की आशंका भी बढ़ जाती हैं। यही वजह भी हैं कि सर्दियों के मौसम में ही बर्ड फ्लू के मामले भी हर साल बढ़ने लगते हैं। प्रदेश में प्रवासी पक्षियों के आने के बाद अब बर्ड फ्लू के मामलों की आशंका को देखते हुए सरकार ने स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग को अलर्ट कर दिया हैं। खासकर पोल्ट्री फार्म पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा हैं।
मंगलवार को पशुपालन विभाग सोलन के उपनिदेशक डॉ. बी.बी. गुप्ता ने बताया कि सर्दियों का मौसम शुरू होते ही हिमाचल प्रदेश में बाहरी देशों से पक्षी भारी तादाद में पहुंचते हैं। यह पक्षी साइबेरिया जैसे देशों से आते हैं और हिमाचल प्रदेश में गर्मी पड़ने पर वे यहां से वापस चले जाते हैं। यह पक्षी आने-जाने के लिए एक निश्चित रास्ता चुनते हैं। उन्होंने बताया कि सोलन और सिरमौर के बॉर्डर एरिया से भी यह प्रवासी पक्षी होकर जाते हैं, ऐसे में इसको लेकर सरकार के आदेशों के बाद पशुपालन विभाग ने सभी पशु चिकित्सा संस्थानों को इन सब पर नजर बनाए रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि कोई भी असामान्य मृत्यु जिला में कहीं भी 10 पक्षियों की एक साथ होती है या फिर इससे ज्यादा पक्षियों की होती हैं चाहे वह जंगली हो या फिर फालतू इसको लेकर सर्विलांस किया जा रहा हैं। विभाग की ओर से सैंपल लेकर उसे भोपाल और जालंधर लैब में भेजा जा रहा हैं ।
उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग पूरे साल इस तरह के सैंपल लेता रहता है ताकि समय-समय पर बर्ड फ्लू की जांच की जा सके। उन्होंने बताया कि बर्ड फ्लू से निपटने के लिए सभी मुर्गी पालकों को जरूरी दिशा निर्देश दे दिए गए है और उन्हें सावधानी बरतने की लिए कहा गया हैं।
