चन्द्रिका – पुदीना दैनिक जीवन में कई तरह से इस्तेमाल किया जाता है। पुदीना खाने में स्वादिष्ट तो है ही साथ ही औषधीय गुणो से भी भरपूर है । पुदीना में मेंथॉल, प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन ए, आयरन आदि पाए जाते हैं।
हरा पुदीना आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इससे कई तरह की दवाई बनाई जाती है,जो उपयोगी साबित होती है ।पुदीने का प्रयोग मन का मचलना, उल्टी होना, गैस को दूर करना, आदि शारीरिक समस्या में किया जाता है। यह जमी हुई कफ को भी बाहर निकालकर बहार करने में मदद करता है।पुदीने को गुनगुना पानी में शहद मिलाकर पीने से पेट के दर्द में तुरंत आराम मिलता है । अगर पेट में कब्ज है तो पुदीने के रस में शहद और अजवाइन मिलाकर खाने से पेट की समस्या दूर होती है।
बालों के लिए एसा करता है फायदा
हरा पुदीना खाने से बालो का झड़ना, टूटना कम हो जाता है। और नेचुरल रूप से बाल का रूखापन खत्म होकर बढ़ने लगता है।
कान की हर समस्याओं से निजात
कान के दर्द में पुदीने का प्रयोग पुराने समय में बहुत ही किया जाता था। कान संबंधी समस्याओं जैसे कान में दर्द होना, कान में खुजली होना, आदि समस्या होने पर कान में पुदीने का पानी डालने पर कान की हर समस्याओं से निजात मिल जाता है । ऐसे में पुदीने का दो से तीन बून्द कान में डालें ।
सर दर्द की प्रॉब्लम में
अगर आपको अक्सर सिर दर्द की प्रॉब्लम रहती है। या फिर आंख में जलन, सिर भारी रहता है। तो पुदीने की चाय पीने से सर दर्द कम हो जाता है।
मुंह के छाले में पुदीने का उपयोग
मुंह के छाले में पुदीने का उपयोग करना बेहद अच्छा माना जाता है। अगर मुंह में छाले पड़ गए हैं,तो पत्ते का काढ़ा बनाकर इसे गरारा करने से समस्या जल्दी ठीक हो जाती है।
दांत का दर्द गायब
दांतो के दर्द में पुदीने का उपयोग करना बेहद अच्छा है। यदि आपको दांत में दर्द रहता है। तो पुदीने के पत्ते का चूर्ण बनाकर दांत को माजने पर दांत के दर्द गायब हो जाते हैं और मसूड़े मजबूत होते हैं ।
अगर शरीर के किसी भी अंग में सूजन के कारण दर्द रहता है, तो सूखे पत्ते को का कर्ण बनाकर, उस स्थान पर लगाने से सूजन कम हो जाता है।
