लाहौल-स्पीति (मनमिंदर अरोड़ा): हिमाचल के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को कई चुनौतियों से सामना करना पड़ रहा है। पिछले 3 दिनों से लाहौल-स्पीति के ऊपरी इलाकों में बर्फबारी का दौर रुक-रुक कर जारी है। जिससे तापमान माइनस तक पहुंच गया है। बर्फबारी और कड़ाके की ठंड प्रत्याशियों को हर बूथ तक पहुंचने के रास्ते में रुकावट पैदा कर रहा है। हालांकि इस विधानसभा क्षेत्र में करीब 95 फीसदी गांव सड़क सुविधा से जुड़ चुके हैं। लेकिन बर्फबारी होने की सूरत में प्रत्याशियों को कई किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ रहा है।

लाहौल-स्पीति में विधानसभा चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को 24000 मतदान मतदाताओं तक पहुंचने के लिए 13050 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में सफर तय करना पड़ रहा है। जनजातीय विधानसभा क्षेत्र में वोटर भले ही हिमाचल में सबसे कम है लेकिन प्रत्याशी यहां एक-एक वोट के लिए सबसे ज्यादा सफर कर रहे हैं। चीन अधिकृत तिब्बत सीमा से सटे गियु गांव से किलाड की सीमा से लगते भुजंड पोलिंग बूथ की दूरी करीब 300 किलोमीटर है। वही स्पीति से लाहौल पहुंचने के लिए बर्फ से ढके 15000 फीट ऊंचे कुलसुम दर्रे को पार करना पड़ता है।

घाटी में करब 70 फ़ीसदी मतदान केंद्र 10000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। हाल ही में बर्फबारी के बीच प्रचार करने गए कांग्रेस प्रत्याशी बर्फ में फंस गए थे। उन्हें कई किलोमीटर तक पैदल चलकर गांव तक पहुंचना पड़ा। गौरतलब है कि सर्दी की दस्तक देते ही जिले से बड़ी आबादी कुल्लू और मनाली की ओर पलायन कर जाती है। यही कारण है कि लाहौल स्पीति में चुनाव के दौरान 15 से 16 हज़ार मतदाता ही अपना वोट डाल पाते हैं। बहरहाल प्रशसान की माने तो उन्होंने 12 नवम्बर को होने वाले मतदान की तैयारीया पूरी कर ली है। भाजपा प्रत्याशी राम लाल मार्कण्डेय का कहना है कि लाहौल-स्पीति दोनों एक दूसरे के कौन में स्थित है।

प्रचार के लिए स्पीति जाते समय उन्हें कुंजुम दर्रे में बर्फ का सामना करना पड़ा था। यहां बर्फबारी हो रही है। उन्होंने कहा कि इस बार लाहौल-स्पीति में वोटिंग प्रतिशत अच्छा रहेगा। इससे पहले भी नवम्बर में यहां चुनाव हो चुके हैं। जिसमें वोटिंग अच्छी रही थी। लाहौल स्पीति में 93 बूथ है। इस मौसम में सभी बूथ तक लोगों के बीच पहुंचना काफी मुश्किल भरा काम हो जाता है। मौसम को देखते हुए पोलिंग पार्टियों को बूथों की तरफ दो दिन पहले ही रवाना किया जाएगा। लाहौल स्पीति में तकरीवन सभी पोलिंग स्टेशन 9 हज़ार फ़ीट से ऊपर है, जबकि विश्व का सबसे ऊंचाई पर स्थित पोलिंग स्टेशन टशीगंग में है। यहां 52 वोटर हैं। यहां चुनाव 100 प्रतिशत हो इसके लिए यहां लोगों को जागरूक किया गया है।
