राहुल चावला, शाहपुर: आज के समय में भी हमारे समाज में मासिक धर्म को लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैली हुई हैं। इन भ्रांतियों के चलते मासिक धर्म के दौरान कई तरह के प्रतिबंध भी समाज में महिलाओं और युवतियों पर लगाए जाते हैं जिनका उनके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता हैं। ऐसे में मासिक धर्म को लेकर जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी हो जाता हैं। इसी उद्देश्य से वो दिन योजना की शुरुवात की गई हैं जिसके तहत किशोरियों को जागरूक करने का काम किया जा रहा हैं।
इसी कड़ी में गुरुवार को द्रोणाचार्य स्नातकोत्तर शिक्षा महाविद्यालय रैत में वुमेन सेल की ओर से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (निदेशालय महिला एवं बाल विकास ) के सौजन्य से एक दिवसीय जिला स्तरीय शिविर का आयोजन हुआ। एक दिवसीय शिविर का विषय ‘वो दिन योजना मासिक धर्म स्वछता” रहा। इस कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार ,सीडीपीओ संतोष कुमारी,सुपरइनटेनडेंट रवि दत ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। डॉ.मनिंदर कौर ने बताया कि प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी वो दिन योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं एवं किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान हिम्मत व सहारा प्रदान करना हैं।
उन्होंने कहा कि मासिक धर्म एक ऐसा विषय है जिसके संबंध में आज भी हमारे समाज में खुलकर बात नहीं की जाती हैं। इससे महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता हैं। सीडीपीओ संतोष कुमारी ने कहा कि मासिक धर्म प्रथाओं को अभी भी कई सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक प्रतिबन्धों का सामना करना पड़ता हैं जो मासिक धर्म स्वच्छता में बहुत बड़ी बाधा हैं। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म के दौरान महिलाएं एवं किशोरियां अपनी स्वच्छता का ध्यान रखें।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन, अनीमिया और बच्चे के पहले 1000 दिन जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सभी किशोरियों और महिलाओं को प्रजनन स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना व मासिक धर्म के दौरान महिलाओं व किशोरियों के साथ होने वाले व्यवहार, कुरितियो व भातियों के बारे में जागरूकता पैदा करना हैं। इसमें उपस्थित किशोरियों को माहवारी के दौरान स्वच्छता, कंगारू केयर, नेपकिन/पैड के प्रयोग और निपटान वारे , अनीमिया के बारे, संतुलित आहार, कुपोषण के कारण , माहवारी से संबंधित कुरीतियों, घरेलू हिसा,पोस्को एक्ट,विधिक साक्षरता,वितिय साक्षरता , जैविक खेती,बाल विवाह, शौचालय का प्रयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही इस शिविर के दौरान “वो दिन महावारी”पर ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी हुआ, जिसमें कविता ने पहला, सोविया ने दूसरा,शिवानी चौधरी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
