शिमला,संजु चौधरी (TSN)-बजट सत्र से पहले शुरू हुई विधायक प्राथमिकताओं की बैठक में विपक्ष के हिस्सा न लेने से प्रदेश में सियासत गरमा गई है।शिमला सचिवालय में आज कांगड़ा,कुल्लू और किन्नौर के विधायकों ने आगामी वित्त वर्ष के लिए अपने क्षेत्र की प्राथमिकताओं को सरकार से सांझा किया लेकिन इस बैठक में विपक्ष के विधायकों ने दो वर्ष में प्राथमिकताएं पूरी न होने पर बैठक में हिस्सा नहीं लिया।जिस मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पलटवार किया और कहा कि सत्तापक्ष के विधायकों से ज्यादा विपक्ष के विधायकों की प्राथमिकताएं पूरी हुई हैं ऐसे में नेता विपक्ष जयराम ठाकुर झूठ कह रहे हैं।
सत्तापक्ष से भी ज्यादा विपक्ष के विधायकों की प्राथमिकताएं हुई पूरी
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नाबार्ड के तहत नैना देवी, करसोग, सुन्दर नगर सहित अन्य भाजपा विधायकों की विधानसभा का ज़िक्र करते हुए नाबार्ड के तहत स्वीकृत राशि का हवाला दिया और कहा कि कांग्रेस विधायको को कम राशि दी गई है और भाजपा के विधायकों को ज्यादा राशि दी गई है।यही वजह है कि जो विपक्ष के विधायक बैठक में नहीं आए क्योंकि यहां सबकी सच्चाई सामने आनी थी।राज्यसभा चुनाव के बाद भाजपा में वर्चस्व की लड़ाई चल रही है. भाजपा के विधायक जयराम ठाकुर की बात नहीं मानते हैं और दूसरी तरफ भाजपा के अध्यक्ष राजीव बिंदल को भी साइड लाइन लगाने की तैयारियां चल रही हैं।भाजपा ने सरकार को तोड़ने का प्रयास किया बावजूद इसके उप चुनाव में कांग्रेस की जीत हुई।
