धर्मशाला :राहुल चावला (TSN)- प्रदेश की दूसरी राजधानी धर्मशाला को मकर संक्रांति पर दो नई सौगातें मिली। पहली यह कि दुनिया का सबसे ऊंचा फिडलहेड (लुंगडू) स्कलप्चर धर्मशाला में स्थापित हुआ, वहीं प्रदेश का सबसे 150 फीट ऊंचा तिरंगा धर्मशाला में लहरा गया। यह दोनों ही सौगातें स्थानीय विधायक सुधीर शर्मा द्वारा धर्मशाला को दी गई।
दाड़ी बाईपास चौक न केवल धर्मशाला बल्कि प्रदेश का ऐतिहासिक चौक बना
सुधीर शर्मा ने कहा कि दाड़ी बाईपास चौक पर स्थापित फिडलहेड (लुंगडू) स्कलप्चर एशिया का पहला और दुनिया का सबसे ऊंचा है धर्मशाला में स्थापित किया गया है। इसके रिकार्ड के लिए गिनीज बुक आफ रिकार्ड को लिख दिया है, उनके लोग जल्द यहां आएंगे और साइज मापेंगे। इससे पहले ऐसा स्कलप्चर कनाडा की सेंट जॉन चर्च में है और दूसरा यूएसए में बोटेनिकल गार्डन में है और धर्मशाला में सिंगल गे्रनाइट का सबसे ऊंचा पीस है। दाड़ी बाईपास चौक न केवल धर्मशाला बल्कि प्रदेश का ऐतिहासिक चौक बना है। सुधीर शर्मा ने कहा कि लुंगडू इसलिए चुना क्योंकि यह हमारा देसी खाना है, वाइल्ड फूड है, आयरन में रिच कंटेंट है, कनाडा और अमेरिका में लोग इसकी खेती करते हैं। जो भी पर्यटक आएंगे जब वह फिडलहेड (लुंगडू) स्कलप्चर को देखेंगे तो एक तो यहां बनने वाले रिकार्ड के बारे में जानकारी ले पाएंगे साथ ही स्वाद चखने की भी उनके मन में लालसा होगी। सुधीर ने कहा कि मैं जब अमेरिका गया था, तब मैंने देखा था और तब से यह मेरे जहन में था कि एक ऐसी चीज हम भी अपने क्षेत्र में करें, जो कि क्षेत्र से जुड़ी हुई हो। लुंगडू की प्रमोशन व प्रोडक्शन को लेकर विभाग के मंत्री को कुछ करना चाहिए। कनाडा और अमेरिका में खेती हो रही है तो हमें भी इसे बढ़ावा देना चाहिए।
