बिलासपुर : सुभाष ठाकुर – एसीसी सीमेंट प्लांट बरमाणा की तालाबंदी के बाद उपजी परिस्थितियों से निपटने में राज्य की कांग्रेस सरकार पूरी तरह से विफल रही है। यह इंडस्ट्री स्टेट का सब्जेक्ट है। मगर मसले को सुलझाने के बजाए उलझाया जा रहा है। यह बात बिलासपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में सदर विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कही।
त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि देखने वाली बात यह है कि जैसे ही राज्य में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी और मुख्यमंत्री ने शपथ ग्रहण की तो ठीक उसके बाद एसीसी बरमाणा व दाड़लाघाट की अंबूजा सीमेंट फैक्टरियां बंद हो गई। पिछली सरकार के समय एक साल में शुरू किए गए विभिन्न संस्थानों को सरकार ने डिनोटिफाई कर दिया गया। इससे जाहिर है कि सरकार मसलों का समाधान करने की तरफ बढऩे के बजाए राजनीति कर रही है। मंत्री की अध्यक्षता वाली बैठक के लिए बीडीटीएस को निमंत्रण न मिलना दोनों यूनियनों की एकजुटता को तोड़कर अलग थलग करने का प्रयासमात्र है। उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी में वह टांस्पोर्टरों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों एक बड़ा प्रदर्शन ट्रक ऑपरेटरों ने बिलासपुर में किया है। इससे अगले उद्योग मंत्री की अध्यक्षता में एक बैठक होती है लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि बीडीटीएस बरमाणा के ट्रक ऑपरेटरों को नहीं बुलाया जाता है। यह सरकार की एक सोची समझी साजिश का हिस्सा है।
