शिमला,12 जनवरी(TSN)-भोटी भाषा को केंद्र सरकार द्वारा सर्टिफिकेट लेवल की मान्यता मिलने से इस भाषा के जानने वालों को तो लाभ होगा ही साथ ही प्रदेश के लाहौल स्पीति, किन्नौर,पांगी और अन्य क्षेत्र में रहने वाले लोगों को लाभ होगा. इंडियन हिमालयन काउंसिल के महासचिव मलिंग गोम्बू ने बताया कि नालंदा बुद्धिज़्म के बौद्ध मठों में हजारों की संख्या में पढ़ने वाले भिक्षुओं की पढ़ाई को अब मान्यता मिल गई है.
NIOS के माध्यम से अब पहली से 12वीं तक का पाध्यक्रम तैयार किया गया है.इससे बौद्ध भिक्षु भोटी भाषा के साथ मॉडर्न पाठ्यकम का अध्ययन भी कर सकेंगे.केंद्र सरकार के इस कदम से बौद्ध धर्म के सिकुड़ने का खतरा भी खत्म हो गया है.हिमाचल से 26 बौद्ध मठों की NIOS से मान्यता मिल जाएगी.इसके अलावा अरुणाचल सहित पूरे हिमालयन क्षेत्र में 136 सभी बौद्ध मठों में मॉडर्न एजुकेशन पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा.
विधानसभा में भी इस विषय को उठाएंगे-विक्रमादित्य सिंह
कर्मक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने भरोसा दिलाया कि वो हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्षम में भी भोटी भाषा को शामिल करने का आग्रह करेंगे.विक्रमादित्य सिंह ने सभा में मौजूद अतिथियों को भरोसा दिलाया कि वह विधानसभा में भी इस विषय को उठाएंगे.
