विकास शर्मा, चिंतपूर्णी: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ चिंतपूर्णी में श्रद्धालुओं की ओर से माता रानी को अर्पित किए जाने वाले चढ़ावे की गणना करने के लिए नई व्यवस्था मंदिर में की गई थी। मंदिर में चढ़ावे की गणना के लिए
ट्रांसपेरेंट टेबल और सोफा लगाया गया था जिस पर बैठकर कर्मचारियों की ओर से चढ़ावेकी गणना की जानी थी, लेकिन शुक्रवार को जब मंदिर में चढ़ावे की गणना की प्रक्रिया शुरू की जा रही थी तो मंदिर के पुजारी राजन कालिया ने सोफा सेट पर बैठकर चढ़ावे की गणना करने से ये कहकर इनकार कर दिया था कि माता रानी की दिव्य पिंडी के सामने इस तरह सोफा सेट पर बैठकर काउंटिंग करना आस्था को ठेस पहुंचाने वाली बात हैं। उन्होंने कहा की मंदिर प्रशासन की ओर से पहले की तरह जमीन पर बैठकर ही खेड़ा में की गणना करने के लिए प्रावधान करना चाहिए। इस बात के उठने के बाद शुक्रवार को मंदिर में चढ़ावे की गणना नहीं की गई।
वहीं शनिवार को इस मुद्दे को लेकर मंदिर प्रशासन के अधिकारीयों और पुजारी बारीदार सभा की एक बैठक मंदिर हाल में हुई जिसमें स्थानीय पुजारियों के साथ मंदिर का स्टाफ और थाना प्रभारी रोहिणी ठाकुर भी शामिल रही। इस बैठक के उपरांत ये निर्णय लिया गया कि फिहलाल मंदिर के चढ़ावे की काउंटिंग को ना रोका जाए और किसी की आस्था को भी ठेस न पहुंचे इसका भी ध्यान रखा जाए जिसके बाद काउंटिंग करने का निर्णय लिया गया। मंदिर के चढ़ावे की गणना टेबल और सोफे पर बैठ कर ही हुई।
वहीं पुजारी राजन कालिया ने कहा कि एक हफ्ते के अंदर चढ़ावे की काउंटिंग व्यवस्था में बदलाव को लेकर मंदिर प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया हैं। साथ ही अपनी इस बात को पुजारी वर्ग डी सी ऊना के आगे भी रखेगा। मंदिर अधिकारी बलबंत पटियाल ने कहा कि पुजारी वर्ग के साथ बैठक हुई हैं उन्होंने कहा कि किसी की भी धार्मिक भावना को ठेस न पहुंचे इसको लेकर मंदिर प्रशासन ने पुजारी वर्ग की बात सुनी हैं।
