Shimla, 25 january-:16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर आज गेयटी थिएटर, शिमला में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने निर्वाचन प्रक्रिया में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया।
समारोह के दौरान राज्यपाल ने उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप को “निर्वाचन की सर्वोत्तम प्रथाओं पर प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण” विषय पर प्रभावशाली एवं अनुकरणीय कार्य के लिए सम्मानित किया।चुनाव प्रक्रिया में प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण को एक विश्वसनीय, पारदर्शी और समावेशी निर्वाचन व्यवस्था की आधारशिला माना जाता है। भारत जैसे सशक्त लोकतंत्र में निरंतर और व्यवस्थित प्रशिक्षण यह सुनिश्चित करता है कि निर्वाचन से जुड़े सभी अधिकारी लोकतांत्रिक मूल्यों, निष्पक्षता और जनविश्वास को बनाए रखने में सक्षम हों।जिला शिमला में इस विषय के अंतर्गत निर्वाचन अधिकारियों, सुरक्षा बलों, पर्यवेक्षकों एवं अन्य संबंधित कार्मिकों के कौशल, ज्ञान और नैतिक प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से निर्वाचन कानूनों, प्रक्रियाओं तथा ईवीएम, वीवीपैट और डिजिटल निगरानी प्रणालियों जैसी आधुनिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
क्षमता निर्माण के दौरान निष्पक्षता, नैतिक आचरण, मतदाता सुविधा, प्रभावी शिकायत निवारण तथा पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया गया। पूर्व निर्वाचन अनुभवों एवं वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान से कार्यकुशलता में वृद्धि और त्रुटियों व अनियमितताओं की संभावनाओं को न्यूनतम करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण, सिमुलेशन अभ्यास और केस स्टडी के माध्यम से भीड़ प्रबंधन, दुष्प्रचार तथा आपात परिस्थितियों से निपटने की बेहतर तैयारी सुनिश्चित की गई। निरंतर क्षमता निर्माण से नवाचार, अनुकूलनशीलता और पेशेवर दक्षता को बढ़ावा मिला है।प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण में किया गया यह निवेश स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण निर्वाचन सुनिश्चित करने के साथ-साथ लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाते हुए नागरिकों के विश्वास को और अधिक मजबूत करता है।
