बिलासपुर/सुभाष ठाकुर: नेहा मानव सेवा सोसायटी द्वारा घुमारवीं में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में ब्लड मशीन ऑफ पीजीआई के नाम से विख्यात रणदीप बत्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। रणदीप बत्ता 149 बार अपना रक्तदान कर चुके हैं तथा वह एक मुहिम के तहत जम्मू कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने की मुहिम में जुटे हुए हैं।रणबीर दत्ता करीब 19 राज्यों में अपना रक्तदान कर चुके हैं जिसके लिए वह लगभग हर राज्य में अपने इस पुनीत कार्य के लिए नवाजे जा चुके हैं और आज नेहा मानव सेवा सोसायटी द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में लोगों को प्रेरित करने पहुंचे थे।
सोसायटी द्वारा यह सातवां रक्तदान शिविर लगाया गया था। जिसके लिए मेडिकल कॉलेज टांडा की टीम रक्त एकत्रित करने के लिए यहां पहुंची थी इस मौके पर करीब 174 लोगों ने रक्तदान किया। इस रक्तदान शिविर में सभी रक्त दाताओं को रक्त सेवा सम्मान से सम्मानित करने के अलावा सोसायटी द्वारा 100 से अधिक बार रक्तदान कर चुके रक्त दाताओं को रक्त रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। इस सम्मान के लिए रणदीप बता को 149 बार रक्तदान करने के लिए ,बिलासपुर के सुनील पुंडीर को 132बार रक्तदान करने के लिए, घुमारवीं के गांव गाहर के राकेश पाठक को 107 बार रक्तदान करने के लिए इस सम्मान से सम्मानित किया गया।
इस मौके पर नेहा मानव सेवा सोसायटी के सचिव एवं संस्थापक पवन बरूर ने बताया कि सोसायटी लगातार रक्तदान शिविरों का आयोजन करती है ताकि कैंसिल थैलेसीमिया और एनीमिया जैसे रोगों से लड़ रहे रोगियों को जीवनदान दिया जा सके। इस मौके पर उन्होंने कहा कि रक्त अनमोल है इसका कोई विकल्प नहीं है उन्होंने रक्तदान को महादान बताते हुए लोगों को रक्तदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन बड़े पैमाने पर करने की आवश्यकता है। क्योंकि रक्तदान न सिर्फ दूसरे का जीवन बचाता है बल्कि रक्तदान करने वाले व्यक्ति के लिए भी फायदेमंद है।
