शिमला/कमल भारद्वाज: चंडीगढ़ के फेमस रॉक गार्डन को बनाने वाले नेक चंद ने शिमला को तोहफे में दिए स्टैच्यू फिर से शिमला की खूबसूरती को बढ़ा रहे हैं। नगर निगम शिमला में इन स्टैच्यू को जगह जगह लगाने की बजाएं नगर निगम ऑफिस के बाहर लगाने का निर्णय लिया है। सारे स्टैच्यू अब एक ही जगह लगाए जा रहे हैं। सभी को एक ही जगह लगाने का एक कारण टूरिस्ट के लिए अलग तरह की जगह डेवलप करना है। बता दें कि देखरेख न होने के चलते इनमें से कई खराब हो चुके थे या कुछ हिस्से टूट गए थे। नेकचंद के बेटे अनुज सैनी ने इन्हें फिर से ठीक कर वापस शिमला भेजा। शिमला को लगभग 100 स्कल्पचर गिफ्ट हुए थे, लेकिन अब 10 ही देखने को मिल रहें हैं ।अंदाजा लगाया जा सकता है कि नगर निगम किस तरह से गिफ्ट में दी गई चीजाें की बेकद्री करता है।
घूमने आए थे अनुज, हालत देखी तो लिखा था लेटर
नेकचंद के बेटे अनुज सैनी ने शिमला नगर निगम प्रशासन के सामने ये मामला रखा था। सैनी 2019 में घूमने के लिए शिमला आए हुए थे। उन्होंने पिता की ओर से गिफ्ट किए गए स्टैच्यू की बदहाली देख हैरान हो गए। वापिस जाकर नगर निगम शिमला को लेटर भेज कर कहा था कि बिना देखरेख के ये स्टैच्यू खराब हो रहे हैं। बेहतर होगा कि इनको वापस कर दिया जाए। इसके लिए उन्हाेंने लेटर एमसी काे लिखा था। जिसका नतीजा ये है कि अब ये स्टैच्यू फिर से सही साइज में बनकर आ गए हैं।
नगर निगम कमिश्नर का ये कहना
नगर निगम कमिश्नर आशीष कोहली ने कहा कि अब इन स्टैच्यू को ऑफिस के बाहर लगाने का निर्णय लिया गया है। ताकि इनकी देखरेख अच्छे से हो सके। उन्होंने कहा कि इस बार किसी तरह की लापरवाही स्टैच्यू के साथ नहीं होगी।
