अरविंदर सिंह,हमीरपुर: बनखंडी इलाके में नॉर्थ इंडिया का सबसे बड़ा जूलॉजिकल पार्क बनेगा। यहां इस पार्क के अलावा वन्य प्रेमियों और पर्यटकों के लिए जानवरों को नजदीक से देखने के लिए सफारी भी बनाई जाएगी । प्रदेश सरकार के महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत लगभग 195 हेक्टर भूमि पर जूलॉजिकल पार्क और वाइल्डलाइफ सफारी को तैयार किया जाएगा और इस पर लगभग 350 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी ।
वाइल्डलाइफ डिवीजन हमीरपुर के डीएफओ रिजीनलड रॉयस्टोन ने बताया कि नॉर्थ इंडिया का सबसे बड़ा जूलॉजिकल पार्क और बड़े आकार का जू बनखंडी में बनने जा रहा हैं। इसके लिए साइट मास्टर लेआउट प्लान को केंद्र की सेंट्रल जू अथॉरिटी ने मंजूरी प्रदान कर दी हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिला को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की घोषणा करने के बाद इसके लिए वन विभाग की वन्य प्राणी विंग की ओर से मास्टर प्रोजेक्ट के लिए मास्टर लेआउट तैयार कर इसे केंद्र की सेंट्रल जू अथॉरिटी के पास भेजा था। जूलॉजिकल पार्क को 195 हेक्टेयर से अधिक में बनाया जाएगा और इस मे वाइल्ड लाइफ से जुड़े जानवरों को एक नेचुरल वातावरण दिया जाएगा । यहां जानवरों के माहौल से कोई छेड़छाड़ भी ना हो इस बात का भी खास ख्याल रखा जाएगा । साथ ही लोग यहां जंगली जानवरों को खुली जीप में सफारी के तौर पर भी नजदीक से देख सकेंगे ।
बता दें कि जिस साइट को बनखंडी में इस पार्क और सफारी के लिए चयनित किया गया है वह नेशनल हाईवे 503 पर हैं। यहां नजदीक ही कांगड़ा में एयरपोर्ट भी है जिससे यहां देश-विदेश से आने वाले टूरिस्ट आसानी से इस पार्क तक पहुंच सकेंगे । इस समय नॉर्थ इंडिया में जिसमें पंजाब,हरियाणा,जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड शामिल है कहीं पर भी बहुत बड़े स्तर का जूलॉजिकल पार्क और बड़े आकार का चिड़ियाघर नहीं है अब यह सुविधा हिमाचल में जुड़ने जा रही है जिसके लिए वन्य प्राणी विभाग ने इस पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया हैं।
वाइल्डलाइफ डिवीजन हमीरपुर के डीएफओ रिजीनलड रॉयस्टोन ने बताया कि नॉर्थ इंडिया का सबसे बड़ा जूलॉजिकल पार्क और बड़े आकार काजू बनखंडी में बनने जा रहा हैं। इसके लिए साइट को केंद्र की तरफ से सिद्धांत की मंजूरी भी मिल गई हैं। उन्होंने बताया कि इस जूलॉजिकल पार्क को मास्टर प्लान बनने के बाद इसे अप्रूवल के लिए सेंट्रल जू अथॉरिटी में दे दी है और इस पर लगभग 350 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे । उन्होंने बताया कि इसकी स्वीकृति के साथ ही क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाएं बढ़ेगी ।
उन्होंने कहा कि इसके स्थापित होने से जहां उत्तर भारत के लोगों को विश्व स्तरीय जूलॉजिकल पार्क भ्रमण का अवसर मिलेगा, वहीं इससे पर्यटन के साथ-साथ प्रदेश की आर्थिकीभी सुदृढ होगी।
