चन्द्रिका (TSN) : हिमाचल प्रदेश में कोई भी अनाथ बच्चा खुद को असहाय या अकेला महसूस नही करेगा । अनाथ और निराश्रित बच्चों के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना को शुरू किया गया है । इस योजना का उद्देश्य इन बच्चो को आर्थिक रूप से सहायता देना है ।हिमाचल प्रदेश के सभी निराश्रित बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ स्टेट’ का दर्जा दिया गया है ।
Benefits given under this scheme :
मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अंतर्गत अलग-अलग सुविधाओं के अनुसार बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना 2023 के अंतर्गत संस्थानों में रहने वाले अनाथ बच्चों और निराश्रित महिलाओं का आवर्ती खाता खोला जाएगा।
0 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को हर महीने सरकार द्वारा 1000 धनराशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश के निराश्रित बच्चों को 18 साल से 27 साल की उम्र तक हर महीने चार हजार रुपए की मदद मिलेगी ।इस तरह निराश्रित बच्चों को हर साल 48 हजार की राशि उपलब्ध होगी ।
इसके अलावा सरकार 12वीं के बाद इन बच्चों की पीएचडी तक की पढ़ाई तक का खर्च उठाएगी ।
बच्चों को कपड़े खरीदने के लिए भी हर साल 10 हजार की राशि उपलब्ध करवाई जाएगी ।
स्वरोजगार के लिए सरकार निराश्रित बच्चों को दो लाख रुपए की मदद उपलब्ध करवाएगी ।
इस योजना के अंतर्गत 18 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को कोचिंग और छात्रावास शुल्क के रूप में हर साल 1 लाख रुपए की धनराशि दी जाएगी।
अनाथ बच्चों को कोचिंग के समय आवास के लिए हर महीने 4-4 हजार रुपए की छात्रवृत्ति दी जाएगी।
बच्चों के समग्र विकास के लिए हर महीने पिकनिक भी आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत ऐसे अनाथ बच्चों को जिनके पास रहने के लिए घर नहीं है उन्हें सरकार द्वारा 3 बिस्वा जमीन और घर बनाने के लिए 3 लाख रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
जो अनाथ बच्चे शादी के योग्य होंगे उन बच्चों को सरकार द्वारा शादी के लिए 2 लाखों रुपए की अनुदान राशि दी जाएगी।
ऐसे अनाथ बच्चे जो अपना खुद का स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं उन्हें इस योजना के तहत सरकार द्वारा 2 लाख रुपए की एकमुश्त राशि दी जाएगी।
अनाथ आश्रम में रहने वाले बच्चों को हर साल सरकार द्वारा सभी त्योहारों पर त्यौहार मनाने के लिए 500 रुपए दिए जाएंगे। ताकि बच्चे त्यौहार पर अपनी जरूरत की चीजों को खरीद सके।
Eligibility for Chief Minister Sukhashray Yojana
Mukhyamantari Sukh Aashray Yojana के लिए आवेदक को हिमाचल प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए। तभी इस योजना के लिए पात्र होंगे।
केवल राज्य के अनाथ बच्चे ही इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगे।
निराश्रित महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक भी इस योजना के लिए पात्र होगे।
Documents required for Mukhyamantari Sukh Aashray Yojana
आधार कार्ड
निवास प्रमाण पत्र
आय प्रमाण पत्र
बच्चे के माता पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र
निराश्रित महिलाओं का शपथ पत्र
उत्तीर्ण कक्षा की मार्कशीट
कोचिंग की सुविधा के लिए छात्रावास की रसीद
भूमिहीन होने का शपथ पत्र
बैंक खाता विवरण
पासपोर्ट साइज फोटो
मोबाइल नंबर
