By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - HimachalSummer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal
Aa
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
Reading: अब तिब्बत की संस्कृति व पहचान को मिटाने में तुला है चीन, बच्चों को बनाया जा रहा निशाना
Share
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - HimachalSummer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal
Aa
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
Search
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
© 2022 Dawn News Network Pvt Ltd. | News Media Company | All Rights Reserved.
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal > Blog > himachal > अब तिब्बत की संस्कृति व पहचान को मिटाने में तुला है चीन, बच्चों को बनाया जा रहा निशाना
himachalNews

अब तिब्बत की संस्कृति व पहचान को मिटाने में तुला है चीन, बच्चों को बनाया जा रहा निशाना

Chandrika
Chandrika 2 Min Read
Updated 2026/03/10 at 6:39 PM
Share
मंडी, धर्मवीर – भारत में शरण लिए तिब्बती समुदाय के लोगों ने चीन पर उनकी संस्कृति और पहचान मिटाने के आरोप लगाए हैं। इनका कहना है चीन के द्वारा उनकी सांस्कृतिक पहचान को मिटाने के लिए उनके 5-7 साल के बच्चों को निशाना बनाया जा रहा है। यह आरोप मंडी में 67वें तिब्बत क्रांति दिवस के मौके पर इन शरणार्थियों ने लगाए हैं।
 इस मौके पर मंडी शहर में भारत तिब्बत मैत्री संघ के बैनर तले चीन के खिलाफ आक्रोश रैली भी निकाली गई और चीन की दमनकारी नीतियों का जोरदार विरोध किया गया। मंडी में रह रही तिब्बती शरणार्थी व टीएसओ जम्यांग डोलमा ने कहा कि आज भी तिब्बत में मानवाधिकारों का हनन हो रहा है और तिब्बती संस्कृति को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। यहां तक कि तिब्बती भाषा बोलने पर चीन लगाम लगाई जा रही है। वर्ष 1959 से चीन ने तिब्बत पर कब्जा किया हुआ है और तब से वे चीन से अपनी आजादी की लड़ाई लड़ रहें है। जब तक वे चीन के कब्जे से अपने देश को छुड़ा नहीं लेते उनका संघर्ष और चीन का विरोध जारी रहेगा। इस मौके पर भारत तिब्बत मैत्री संघ के उपाध्यक्ष विशाल शर्मा ने बताया कि 10 मार्च 1959 को तिब्बत की राजधानी ल्हासा में हजारों तिब्बतियों ने चीन के दमन के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन किया था। शर्मा ने बताया कि इसी दौरान धर्मगुरु दलाई लामा को अपने लगभग 80 हजार समर्थकों के साथ तिब्बत छोड़ भारत में शरण लेनी पड़ी थी।

इसके उपरांत सभी ने सेरी मंच पर एकत्रित होकर तिब्बत की आजादी के लिए बलिदान हुए शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि समारोह में नगर निगम मंडी के महापौर वीरेंद्र भट्ट भी विशेष रूप से मौजूद रहे। भट्ट ने इस मौके पर तिब्बत की आजादी में बलिदान हुए शहीदों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए भगवान से जल्द से जल्द तिब्बत की आजादी की दुआ भी मांगी।

TAGGED: Mandi Tibet community
Chandrika March 10, 2026
Share this Article
Facebook TwitterEmail Print
Previous Article मध्य पूर्व तनाव पर कुलदीप राठौर की चिंता, कहा—युद्ध जारी रहा तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा भारी असर
Next Article मंडी बस स्टैंड में एचआरटीसी चालक-परिचालक पर हमला, नशे में धुत दो युवकों ने की मारपीट
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Browse by Category
  • Accident
  • Business /Employement
  • crime
  • education
  • election
  • festival
  • health
  • himachal
  • News
  • political
  • political
  • Religion
  • Sports
  • Uncategorized
  • weather
  • शख़्सियत

You Might Also Like

मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष को मशोबरा रिजॉर्ट लिमिटेड का 73.92 लाख का योगदान

Ago

विश्व रेडक्रॉस दिवस पर रक्तदान शिविर आयोजित, 66 यूनिट रक्त संग्रहित

Ago

बल्देयां जिला परिषद वार्ड-18 से कांग्रेस प्रत्याशी बने ओम प्रकाश, समर्थकों संग भरा नामांकन

Ago

ऊना में जिला परिषद चुनावी सरगर्मियां तेज, भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने किया शक्ति प्रदर्शन

Ago

1058, Mall Enclave, DAYAL NAGAR,
Ludhiana, Punjab 141001

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?