राहुल चावला, धर्मशाला: कांगड़ा धार्मिक पर्यटन के लिए विख्यात है। यहां बहुत से मंदिरों के साथ ही शक्तिपीठ है जहां पर श्रद्धालुओं का तांता वर्ष पर लगा रहता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से यहां श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए चामुंडा नंदीकेश्वर धाम और भागसूनाग में नौकाविहार शुरू करने के साथ लंगर भवन बनाने की योजना तैयार की गई हैं।
चामुंडा नंदीकेश्वर धाम स्थित तालाब में कुछ वर्ष पूर्व साथ लगती बनेर खड्ड में आए पानी के तेज बहाव के चलते रेत भर गई थी, जिसके चलते मंदिर प्रशासन की ओर से तालाब को खाली करवाया गया था। वहीं एशियन डिवेलमेंट बैंक के सहयोग से मंदिर का सौंदर्यीकरण करने के साथ तालाब को भी नया रूप प्रदान किया गया है। अब इस तालाब में मंदिर प्रशासन की ओर से नौकाविहार शुरू करने की योजना है। जानकारी के अनुसार तालाब में पैंडल वाली 4 नौका रखी जाएंगी, जिनका आनंद श्रद्धालु उठा सकेंगे।
उधर मैक्लोडगंज के भागसूनाग मंदिर में लंगर भवन निर्माण की मांग लंबे समय से उठ रही है। भागसूनाग मंदिर के ट्रस्टी भी इस मामले को उपमंडल प्रशासन के समक्ष उठा चुके हैं। अब भागसूनाग मंदिर में लंगर भवन बनाने का भी निर्णय लिया गया है। उक्त दोनों कार्यों हेतू चुनावों के मद्देनजर लागू आदर्श आचार संहिता हटने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे कि चामुंडा नंदीकेश्वर धाम में नौकाविहार और भागसूनाग में लंगर भवन का निर्माण किया जा सके।
उधर एसडीएम धर्मशाला शिल्पी वेक्टा ने बताया कि चामुंडा नंदीकेश्वर धाम के तालाब में नौका विहार शुरू करने की योजना है, वहीं भागसूनाग में लंगर भवन बनाया जाना है। आदर्श आचार संहिता हटने के बाद इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके बाद श्री चामुंडा और भागसूनाग में नौकाविहार और लंगर भवन की सुविधा श्रद्धालुओं को उपलब्ध होगी।
